मुंबई: यस बैंक के ग्राहकों की 13 दिन से जारी मुश्किलें खत्‍म हो गई हैं. पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजर रहे निजी क्षेत्र के इस बैंक ने बुधवार को कहा कि उस पर विनियामक आरबीआई की तरफ से लगी पाबंदियां हटा दी गयी हैं और सभी सेवाएं ग्राहकों के लिए फिर शुरू कर दी गई हैं. Also Read - YES बैंक से प्रतिबंध हटा, सभी बैंकिंग सर्विसेज चालू, ग्राहकों ने शुरू किया पैसे निकालना

बता दें कि मंगलवार को कहा, यस बैंक के नामित सीईओ ने मंगलवार को कहा था कि निजी क्षेत्र के बैंक ने ग्राहकों के लये कोष की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं. हमारे सभी एटीएम नकदी से भरे हैं. हमारी सभी शाखाओं में नकदी की पर्याप्त आपूर्ति है. इसीलिए यस बैंक की तरफ से नकदी के मोर्चे पर कोई समस्या नहीं है. Also Read - प्रशांत कुमार होंगे यस बैंक के नए प्रबंध निदेशक, सीईओ, निदेशक मंडल के पुनर्गठन को मंजूरी

बैंक गुरुवार से तीन दिन के लिए बैंक में कार्य का समय भी बढ़ाएगा. हालांकि, 13 दिन की रोक हटने के तुरंत बाद कुछ ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग समेत कुछ सेवाएं काम नहीं कर रही. Also Read - संकटग्रस्‍त YES BANK ने शेयर बाजार में की शानदार वापसी, 58 फीसदी से अधिक चढ़े शेयर

यस बैंक ने ट्विटर पर लिखा है, ” हमारी बैंक सेवाएं फिर से परिचालन में आ गई हैं. आप हमारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. सहयोग और धैर्य के लिए धन्यवाद.” कुछ तबकों में यह भी चिंता है कि यस बैंक से बड़ी मात्रा में जमा राशि कर निकासी हो सकती है.

बैंक ने लिखा है, ”आपको बेहतर सेवा देने के लिए हमारी शाखाएं 19 मार्च से 21 मार्च 2020 तक सुबह 8.30 बजे खुलेंगी. हमने अपने वरिष्ठ ग्राहकों के लिये बैंक में कामकाज का समय बढ़ा दिया है. उनके लिये 19 मार्च से 27 मार्च तक बैंक सेवाएं शाम 4.30 से 5.30 तक उपलब्ध होंगी.”

उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने पांच मार्च को बैंक पर पाबंदी लगा दी थी. इसमें ग्राहकों को तीन अप्रैल तक अपने खाते से 50,000 रुपये तक निकालने की सीमा शामिल थी. साथ ही आरबीआई ने बैंक के निदेशक मंडल को हटा दिया था.

यस बैंक पुनर्गठन के तहत भारतीय स्टेट बैंक और सात वित्तीय संस्थानों ने करीब 10,000 करोड़ रुपए लगाए हैं. इसमें निजी क्षेत्र के संस्थान भी शामिल हैं. बैंक का जमा आधार पांच मार्च 2020 को 72,000 करोड़ रुपए घटकर 1.37 लाख करोड़ रुपए रह गया था. यह 31 दिसंबर 2019 को 2.09 लाख करोड़ रुपए था.

यस बैंक के नामित मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कहा था कि निजी क्षेत्र के बैंक ने ग्राहकों के लये कोष की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये पर्याप्त कदम उठाये हैं. उन्होंने कहा था, ”हमारे सभी एटीएम नकदी से भरे हैं. हमारी सभी शाखाओं में नकदी की पर्याप्त आपूर्ति है. इसीलिए यस बैंक की तरफ से नकदी के मोर्चे पर कोई समस्या नहीं है.”

रोक हटने के बाद कुमार अब यस बैंक के सीईओ हैं. हालांकि रोक हटने के बाद कुछ ग्राहकों ने सेवाएं सही तरीके से शुरू नहीं होने को लेकर शिकायत की. कुछ ट्वीट का जवाब देते हुए बैंक ने इस असुविधा के लिये माफी मांगी और कहा कि बीच-बीच में उठने वाली कुछ समस्याएं हैं.