नई दिल्ली. पैन कार्ड अब कामकाजी लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. लेकिन, इसे बनवाने में अभी तक बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ती थी. लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टेक्स (CBDT) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा है कि आने वाले दिनों में 4 घंटे में ही आप पैन कार्ड बनवा लेंगे.

सुशील चंद्रा ने बताया है कि इसके लिए डिपार्टमेंट टेक्नॉलजी का सहारा ले रहा है. इसमें कई क्षेत्रों को ऑटोमेशन की प्रक्रिया है, जैसे- टेक्स का प्री-पेमेंट, रिटर्न फाइल, रीफंड, केस सिलेक्शन और केस की स्क्रूटनी को फाइनलाइज करने जैसी है. उन्होंने कहा कि 4 घंटे में पैन कार्ड देने की प्रक्रिया एक साल के अंदर शुरू हो जाएगी. चंद्रा ने कहा कि विभाग ने रिटर्न नहीं भरने वालों तथा ऐसे करदाता जिनकी रिटर्न के साथ उनकी आय का मिलान नहीं हो रहा है. ऐसे दो करोड़ लोगों को एसएमएस भेजे हैं. उन्होंने करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच आमना-सामना कम करने के विभाग के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इस साल अब तक 70 हजार से अधिक मामलों में करदाता और कर अधिकारी के आमने सामने हुये बिना ऑनलाइन समाधान निकाला गया.

आयकर भरने वालों की संख्या बढ़ी
उन्होंने कहा, रिटर्न फॉर्म को भी आसान बनाने की प्रक्रिया जारी है. वहीं इज ऑफ डुइंग बिजनेस के लिए फंड की प्रोसेसिंग को और आसान करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि साल 2018-19 में अब तक आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने वालों की संख्या पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 50 प्रतिशत बढ़कर 6.08 करोड़ तक पहुंच गई. उन्होंने कहा यह नोटबंदी का असर है. उन्होंने कहा कि नोटबंदी देश में कर दायरा बढ़ाने के लिये काफी अच्छी रही है. इस साल हमें अब तक ही करीब 6.08 करोड़ आईटीआर मिल चुके हैं जो पिछले साल की इसी अवधि में मिले आईटीआर से 50 प्रतिशत अधिक हैं.

नोटबंदी का असर
हालांकि, उन्होंने तारीख नहीं बताई जब आईटीआर भरने वालों की संख्या 6.08 करोड़ तक पहुंच गई. उन्होंने, उम्मीद जाहिर की कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 11.5 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर संग्रह का बजट लक्ष्य हासिल कर लिया जायेगा. चंद्रा ने कहा, हमारे सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में 16.5 प्रतिशत और शुद्ध प्रत्यक्ष कर में 14.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है. इससे पता चलता है कि नोटबंदी से कर दायरा बढ़ाने में वास्तव में कितनी मदद मिली है. उन्होंने कहा, अभी तक कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह बजट अनुमान का 48 प्रतिशत है.