मुंबई: संकट में फंसे येस बैंक पर मौजूदा समय में रोक लगाने के निर्णय का बचाव करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि बैंक से जुड़े मुद्दों का समाधान बहुत जल्दी कर लिया जाएगा. शक्तिकांत दास ने कहा, मेरे मत में यह उपयुक्त समय है. मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि आरबीआई बहुत जल्द येस बैंक के पुनरोद्धार के लिए एक योजना लेकर आएगा. Also Read - RTGS Service will Not Available on Sunday: रविवार को इतने घंटे के लिए बंद रहेगी RTGS सेवा, समय से निपटा लें काम

मुंबई में मीडियाकर्मियों से बातचीत में दास ने कहा, ”येस बैंक का समाधान बहुत तेजी से कर लिया जाएगा. हमने इस पर रोक के लिए 30 दिन की समय सीमा तय की है. रिजर्व बैंक की ओर से इस दिशा में आप बहुत जल्द कार्रवाई होते देखेंगे. Also Read - Mobile Wallet | Bank Account: बैंक खातों की तुलना में क्यों अधिक लोकप्रिय हो सकते हैं मोबाइल वॉलेट?

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि येस बैंक पर रोक लगाने का निर्णय किसी एक इकाई को ध्यान में रखकर नहीं किया गया. बल्कि यह निर्णय देश के बैंकिंग क्षेत्र और वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के व्यापक संदर्भ को लक्ष्य करके किया गया है. Also Read - RBI Announcement: पेमेंट एप से अब ऑनलाइन भेज पाएंगे 2 लाख रुपये

आरबीआई दास ने कहा, मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हमारा बैंकिंग क्षेत्र पूरी तरह से सुचारू और सुरक्षित बना रहेगा. उन्होंने कहा कि आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा, वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता को बनाए रखने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.

येस बैंक पर रोक लगाए जाने के समय के बारे में दास ने कहा कि हमेशा रिजर्व बैंक के सक्रियता से काम करने या किसी काम में बहुत समय लेने को लेकर बहस बनी रहती है.

शक्तिकांत दास ने कहा, मेरे मत में यह उपयुक्त समय है. मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि आरबीआई बहुत जल्द येस बैंक के पुनरोद्धार के लिए एक योजना लेकर आएगा.

दास ने कहा, ”नियामकीय पुनर्गठन के बजाय एक बैंक या बाजार आधारित पुनरोद्धार हमेशा अधिक बेहतर विकल्प होता है. बैंक के प्रबंधन को एक विश्वसनीय पुनरोद्धार योजना तैयार करने के लिए पूरा अवसर दिया गया. बैंक ने प्रयास भी किए, लेकिन जब हमें लगा कि हम और इंतजार नहीं कर सकते तथा हमें और इंतजार नहीं करना चाहिए तो हमने हस्तक्षेप का निर्णय किया.”

रिजर्व बैंक ने गुरुवार को सरकार से मशविरा करने के बाद येस बैंक पर रोक लगाई और उसके निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया है. वहीं बैंक के ग्राहकों पर भी 50,000 रुपए मासिक तक निकासी करने की रोक लगाई है. येस बैंक किसी भी तरह का नया ऋण वितरण या निवेश भी नहीं कर सकेगा.

केंद्रीय बैंक ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) प्रशांत कुमार को येस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है. वहीं, एसबीआई बोर्ड ने नकदी संकट से जूझ रहे येस बैंक में निवेश के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है.

एसबीआई बोर्ड ने गुरुवार को देर शाम शेयर बाजारों को सूचित किया, ”येस बैंक से संबंधित मामले पर बृहस्पतिवार को बैंक के केंद्रीय बोर्ड की बैठक में चर्चा की गई और बोर्ड ने बैंक में निवेश अवसर तलाशने के लिए सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है.”