मुंबईः अगर आप एसबीई, आईसीआईसी और एचडीएफ जैसे बड़े बैंकों के ग्राहक हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है. ये सभी बड़े बैंक आने वाले समय में चेक बुक, अतिरिक्त क्रेडिट कार्ड और ATM के इस्तेमाल करने पर शुल्क लगा सकते हैं. दरअसल, कर विभाग इन बैंकों को लगातार नोटिस भेजकर ग्राहकों को बैंक की ओर से दी जाने वाली फ्री सेवाओं पर जीएसटी देने को कह रहा है. Also Read - SBI Clerk Mains Admit Card 2020 Released: एसबीआई ने जारी किया SBI Clerk Mains 2020 का एडमिट कार्ड, इस Direct Link से करें डाउनलोड

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इस कारण ये बड़े बैंक जीएसटी के इस बोझ को ग्राहकों पर डालने जा रहे हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो माह में कर विभाग ने इन बैंकों को शुरुआती नोटिस जारी किया है. ये जीएसटी नोटिस इस साल अप्रैल में बैंकों को भेजे गए 40 हजार करोड़ रुपये के सेवा कर और जु्र्माने की नोटिस से अलग है. Also Read - SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर: ऑनलाइन बैंकिग सेवाएं हो गईं हैं बहाल, बेफिक्र कीजिए काम

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इंडियन बैंक एसोसिएशन के सीईओ वीजी कन्नन ने कहा कि अधिकतर बैंक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि जीएसटी का बोझ ग्राहकों पर डाला जाए. इससे बैंकों का कुछ लेनादेना नहीं होगा. ग्राहकों से लिया जाने वाला पैसा सीधे सरकार के पास जाएगा. उन्होंने बताया कि ग्राहकों से कितने की वसूली की जाएगी यह बैंक-बैंक पर निर्भर करेगा. अधिकतर बैंक ऐसा दिसंबर से कर सकते हैं.

अधिकतर बड़े बैंक फ्री की सेवाओं पर 18 फीसदी जीएसटी चार्ज करने को लेकर सहमत हो गए हैं. इस मामले के जानकारों का कहना है कि ग्राहकों से जीएसटी की वसूली करने को लेकर सहमति बन गई है. बस इसको लेकर एक तंत्र विकसित किया जा रहा है. कर विभाग का कहना है कि खाते में न्यूनतम राशि रखने वाले ग्राहकों को बैंक फ्री में कुछ सेवाएं देते हैं लेकिन इन सेवाओं पर जीएसटी लगेगा. ये राशि खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने वाले ग्राहकों से वसूल किए जाने वाले शुल्क पर लगने वाले जीएसटी के बराबर होगा.