ZEEL-Sony Merger: मार्केट एक्सपर्ट वल्लभ भंसाली से जानिये ZEEL-SONY विलय के क्या हैं मायने? शेयर धारकों के लिये क्या?

बाजार के एक्सपर्ट और एनाम सिक्योरिटीज के चेयरमैन वल्लभ भंसाली (Vallabh Bhansali) ने कहा कि माइनॉरिटी (छोटे) शेयरहोल्डर के लिहाज से बल्ले-बल्ले है.

Published date india.com Published: September 22, 2021 8:37 PM IST
Enam Group Chairman Vallabh Bhansali

ZEEL-Sony Mega Merger: ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया (SNPI) के मर्जर का ऐलान हो चुका है. शेयर बाजार (Stock Market) ने डील का स्वागत किया है. शेयरहोल्डर्स को भी डील से अच्छे संकेत दिखाई दे रहे हैं. आने वाले दिनों में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी साबित होगी. मेगा मर्जर पर बाजार के दिग्गजों ने भी अपनी राय रखी है. बाजार के एक्सपर्ट और एनाम सिक्योरिटीज के चेयरमैन वल्लभ भंसाली (Vallabh Bhansali) ने कहा कि इंडस्ट्री में इतना बड़ा मर्जर कई मायनों में अहम है.

ज़ी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी (Anil Singhvi) के साथ खास बातचीत में वल्लभ भंसाली ने कहा है कि मेगा मर्जर में दो बड़े एंटरप्राइजेज साथ आ रहे हैं. एंटरप्राइजिंग बहुत बड़ी चीज होती है. किस तरह दोनों कंपनियों ने ग्राउंड लेवल पर जाकर, कंपटीशन को देखते हुए अपनी जगह बनाई है. मीडिया इंडस्ट्री में देश के अंदर सबसे बड़ा मर्जर हो रहा है. जिस तरह अमेरिका में वॉल्ट डिजनी और स्टार का मर्जर हुआ. उस तरह का ही मर्जर ये देश में हो रहा है.

वल्लभ भंसाली के मुताबिक, मेगा मर्जर से एडवर्टाइजर को जो फायदा मिलेगा, उसमें बड़ा नेटवर्क मिलेगा, जिसमें रिजनल, वर्नाकुलर, स्पोर्ट्स हैं, जो ज़ी टीवी की लैंगवेज की कैपेबिलिटी है, उससे एडवर्टाइजर के लिए एक पावरफुल और अच्छा प्लेटफॉर्म तैयार हो जाएगा. सोनी की स्पोर्ट्स और ह्यूमर में जो पकड़ है. ज़ी टीवी की फैमिली एंटरटेमेंट की पकड़ है. उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों को हर लेवल पर फायदा होने वाला है.

भंसाली के मुताबिक, माइनॉरिटी (छोटे) शेयरहोल्डर के लिहाज से बल्ले-बल्ले है. शेयर में 20 फीसदी का उछाल देखने को मिल ही चुका है. लोग अंदाज लगा ही रहे है कि ज़ी एंटरटेनमेंट का शेयर प्राइस अपने बुते पर क्या था और मर्जर के बाद अब क्या हो जाएगा. आगे क्या होगा अभी कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन, छोटे शेयरहोल्डर के लिहाज से Win Win सिचुएशन है. क्योंकि, बोर्ड का एक्सपेंशन होगा. बोर्ड में प्रोफेशनलिज्म और एंटरप्राइजेज का बैलेंस होगा. साइज और बिजनेस कैरेक्टर के हिसाब से छोटे शेयरहोल्डर विनर होंगे. शेयरहोल्डर को ये देखना चाहिए कि उनके पास अब पुराने ज़ी एंटरटेनमेंट के ही शेयर होल्ड नहीं होंगे. बल्कि विदेशी कंपनी का हिस्सा होंगे. एक बड़ी MNC का हिस्सा होंगे.

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