नई दिल्‍ली: कोरोना महामारी के मद्देजनर सरकार ने नियोक्ता और कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने गुरुवार को राहत पैकेज की घोषण के दौरान कहा कि कर्मचारी भाविष्‍य निधि ईपीएफ निकालने के नियमों को आसान बनाने की तैयारी कर ली गई है. इससे कर्मचारी अपने भविष्‍यनिधि के खाते से 75 प्रतिशत जमाराशि या तीन महीने के वेतन में जो भी कम हो उसे निकालने की अनुमति है. Also Read - COVID Vaccine: भारत में Sputnik को मिल सकती है 10 दिन में मंजूरी, वैक्‍सीनेशन का आंकड़ा 10 करोड़ हुआ

सरकार ने प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारियों और नियोक्‍ता के लिए बड़ी राहत की यह घोषणा रिलीफ पैकेज के अंतर्गत की है. Also Read - Lockdown in MP: मध्‍य प्रदेश में लॉकडाउन की फोटोज, आंकड़े दे रहे बड़ी चेतावनी

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, सरकार अगले तीन महीने तक उन प्रतिष्ठानों के लिये नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का भविष्य निधि योगदान जमा करेगी, जिनमें 90 प्रतिशत कर्मचारी 15 हजार रुपए के वेतन वाले हैं. Also Read - COVID-19 in Gujarat: सोमनाथ मंदिर में दर्शन आज से बंद, गुजरात कल आए थे 5,011 नए

सीतारमण ने कहा, इस महामारी के कारण ईपीएफ के नियमन में संशोधन के लिए सरकार तैयार है, ताकि श्रमिक पीएफ खाते में क्रेडिट से 75% गैर-वापसी योग्य अग्रिम या 3 महीने के वेतन जो भी कम हो पा सकें.

वित्‍त मंत्री ने कहा कि भारत सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के योगदान का भुगतान करेगी, नियोक्ता और कर्मचारी, दोनों को एक साथ रखा जाएगा, यह 24% होगा, यह अगले 3 महीनों के लिए होगा. यह उन प्रतिष्ठानों के लिए है, जिनके 100 अधिक कर्मचारी हैं और इनमें 90% तक 15,000 रुपए से कम कमाते हैं.

व‍ित्‍तमंत्री सीतारमण ने कहा, भवन और निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए, पंजीकृत 3.5 करोड़ श्रमिकों को लाभान्वित किया जाना है, केंद्रीय सरकार ने राज्य सरकार को राहत देने, घोषणा करने के लिए निधि (31,000 करोड़) का उपयोग करने के आदेश दिए हैं.