नई दिल्ली. वैश्विक संकेतों के साथ ही औद्योगिक उत्पादन एवं मुद्रास्फीति के आंकड़े अवकाश प्रभावित सप्ताह में बाजार की चाल तय करेंगे. अगले सप्ताह मंगलवार को महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में बाजार बंद रहेंगे. दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर कर (लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स) लगाए जाने तथा वैश्विक बाजार में जारी गिरावट के कारण पिछले सप्ताह बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 1,060.99 अंक यानी 3.02 प्रतिशत लुढ़क गया.

मिल रहे हैं सुधार के संकेत
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कंपनियों के परिणाम जारी करने के मौजूदा सत्र में कंपनियों के मुनाफे में सुधार के मजबूत संकेत मिल रहे हैं. इससे दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाओं के संकेत मिलते हैं और यह निवेशकों को राहत प्रदान कर रहा है. हालांकि मुद्रास्फीति का दबाव और राजकोषीय घाटा का लक्ष्य चूकने के कारण रिजर्व बैंक निकट भविष्य में संकुचित रुख अपना सकता है.’’ आरबीआई ने पिछले सप्ताह मौद्रित नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दर को छह प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था. उसने कहा था कि सरकारी खर्च बढ़ने से मुद्रास्फीति तेज हो सकती है. उसने राजकोषीय घाटा बढ़ने की भी चेतावनी दी थी. नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है. दिसंबर के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े और जनवरी के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एवं थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े इस सप्ताह में बाजार को प्रभावित करेंगे.’’

बाजार पर वैश्विक प्रभाव
एक विशेषज्ञ ने कहा कि इस सप्ताह गेल और एनएचपीसी परिणाम जारी करने वाली मुख्य कंपनियां हैं. एसबीआई और कोल इंडिया ने पिछले सप्ताह शुक्रवार और शनिवार को परिणाम जारी किया था, इसका भी असर दिख सकता है. बाजार अभी वैश्विक संकेतों से प्रभावित हो रहा है और यह आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है. सैमको सिक्युरिटीज के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिमीत मोदी ने कहा, ‘‘अमेरिकी बाजार किस तरह सुधार करता है और वापस उछाल हासिल करता है, इस पर निवेशकों की निगाहें होंगी.’’