पटना: सोमवार को दिल्ली में बिहार के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ हुई एक बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 160 सीटें बढ़ा दी गई हैं. यह साल 2018-2019 एकेडमिक सेशन से लागू होगा. MBBS कोर्स में बढ़ाई गई सीटें मुख्य रूप से चार कॉलेजों के लिए हैं. इसमें पटना मेडिकल कॉलेज (PMC), जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भागलपुर, श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज मुजफ्फरपुर और दरभंगा मेडिकल कॉलेज (DMCH) के कॉलेजों के नाम शामिल हैं. हालांकि गया, पावापुरी और बेतिया मेडिकल कॉलेजों की सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि इन कॉलेजों की कमियां दूर होने पर यहां की एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई जाएंगी.

दरअसल, इन मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन्स के अनुसार स्टाफ की कमी है.

कैंसर इंस्टीट्यूट

श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में केंद्र 150 बेड वाला एक कैंसर इंस्टीट्यूट भी शुरू करने वाला है. इसे बनाने में 150 करोड़ की लागत आएगी. इसके लिए 40 एकड़ जमीनों की पहचान भी कर ली गई है. अगले तीन महीने में इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसकी आधारशिला देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे.

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कई जिलों में नये मेडिकल कॉलेज

बता दें कि इससे पहले साल 2016 में केंद्र ने छपरा, पुर्णिया और समस्तीपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने की निणर्य लिया था. इस पर अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए समस्तीपुर में जमीन की पहचान की जा रही है. वहीं छपरा और पुर्णिया में मेडिकल कॉलेज की नींव जून में रख दी जाएगी. भागलपुर और गया में भी सुपरस्पेशिएलिटी अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इनकी आधारशिला भी जून में रख दी जाएगी. इसके लिए केंद्र सरकार ने 250 करोड़ का फंड अप्रूव कर दिया है.

बिहार में AIIMS
मुजफ्फरपुर और दरभंगा में सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल बनाने का काम इस साल अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा. राज्य सरकार ने अन्य 5 जिलों में भी मेडिकल कॉलेज शुरू करने का प्रोपोजल केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा है. इसमें बक्सर का नाम भी शामिल है. केंद्र ने बिहार सरकार को राज्य में ऐसी जगह ढूंढ़ने का भी निर्देश दिया है, जहां AIIMS शुरू किया जा सके.