7th Pay commission: यदि योजनाओं के अनुरुप काम हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों को एक और तोहफा मिल सकता है. अभी तक केंद्र सरकार 7वें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार मिनिमम पे में बढ़ोत्तरी और फिटमेंट फैक्ट के लिए तैयार नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे चीजें बदल रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे दूसरी तरह से कंपन्सेट करना चाह रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) पर विदेश जाने की मंजूरी देने पर विचार कर रही है. Also Read - Covid-19: केंद्र सरकार ने कंपनियों से कहा, न छंटनी करें और न किसी का पैसा काटें

अधिकारियों के मुताबिक, कार्मिक मंत्रालय ने इस बारे में एक प्रस्ताव तैयार किया है. इसके अंतर्गत गृह, पर्यटन, नागरिक उड्डयन और व्यय विभाग जैसे दूसरे संबंधित विभागों से यथाशीघ्र उनकी टिप्पणी मांगी गई है. अधिकारियों ने इस संबंध में एक संदेश का हवाला देते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय ने इस प्रस्ताव में पांच सेंट्रल एशियाई देशों- कजाख्स्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान को एलटीसी के तहत लाने की बात रखी थी. Also Read - Sarkari Naukri 2020: DDA Recruitment 2020: DDA ने असिस्टेंट से लेकर ऑफिसर तक के विभिन्न पदों पर निकाली वैकेंसी, 12वीं से लेकर ग्रेजुएशन पास कर सकते हैं अप्लाई

मध्य एशिया में उपस्थिति दर्जा करना है मकसद
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को इन देशों के भ्रमण पर जाने की इजाजत देने का उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मध्य एशिया के इन देशों में भारत की उपस्थिति दर्ज कराना है. इससे पहले मार्च में सरकार ने कहा था कि उसने अपने कर्मचारियों को एलटीसी पर दक्षेस देशों की यात्रा करने से जुड़े एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. एलटीसी के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को छुट्टी के साथ ही आने-जाने के टिकट का भुगतान किया जाता है. Also Read - जल जीवन मिशन: सरकार ने कहा- ग्रामीण परिवार को 55 लीटर प्रति व्यक्ति मिलेगा पेयजल

ये होता है एलटीसी से फायदा
बता दें कि एलटीसी के माध्यम से केंद्रीय कर्मचारियों को छुट्टी और टिकट का रिइम्बर्समेंट मिलता है. हालांकि, केंद्रीय कर्मचारी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को ही मनवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में केंद्र सरकार के पहले से उनके लिए अच्छी खबर आने के संकेत मिल रहे हैं.