नई दिल्ली: अगर आप केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षक या कर्मचारी हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. लंबे समय से सातवें वेतनमान के अनुरूप भत्ते की मांग को केंद्र सरकार ने मान लिया है. सोमवार को केंद्र सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग के अनुसार भत्तों को मंजूरी दे दी है.Also Read - 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 40 हजार बेसिक पर Gratuity में होगा 1 लाख का फायदा

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केंद्र सरकार के इस कदम से यूनिवर्सिटीज के 30,000 कर्मचारी लाभान्वित होंगे. इसके साथ ही मानद यूनिवर्सिटीज के 5500 टीचर्स को भी इसका फायदा होगा. केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारी लंबे समय से 7वें वेतन आयोग की मांग कर रहे थे. मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय एवं मानद विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों, शिक्षकों, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक के लिए संशोधित भत्ते तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएंगे. यह फैसला राज्य विश्वविद्यालयों के 7 लाख शिक्षकों के लिए बेंचमार्क तय करने में मदद करेगा. Also Read - India Post Recruitment 2021: राजस्थान में डाक विभाग में निकली नौकरी, कई पदों के लिए ऐसे करें आवेदन

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार, कुलपति, प्रो-वाइस-चांसलर, पीजी कॉलेज में प्रिंसिपल और स्नातक कॉलेजों में प्रिंसिपल के लिए संशोधित विशेष भत्ता 11,250 रुपये, 9000 रुपये, 6750 रुपये और 4500 रुपये क्रमशः होगा.

इसी बीच यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने भी गेस्ट फैकल्टी मेम्बर्स के अलाउएंस को बढ़ा दिया है. इससे पहले गेस्ट फैकल्टी को एक लेक्चर के लिए 1500 रुपये प्राप्त होते थे, जो अब 50,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ा दिए गए हैं. UGC द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति सिर्फ स्वीकृत पदों पर ही होगी.

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