नई दिल्ली:  नया साल छात्रों के लिए कई खुशियां लेकर आ रहा है. मोदी सरकार करीब 1.25 लाख छात्रों को नये साल में तोहफा दे सकती है और इसकी तैयारी भी लगभग पूरी कर ली गई है. अगर ऐसा होता है तो रिसर्च स्कॉलर्स को पहली बार भारत में 40,000 से ज्यादा फेलोशिप मिलेेगी.

दरअसल, बात यह है कि शोध छात्र लंबे समय से स्कॉलरशिप की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे थे. अब इस पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है. हालांकि फिलहाल इसकी कोई समयसीमा नहीं बताई गई है कि यह कब से लागू होगा. लेकिन बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस बारे में वह सकारात्मक हैं.

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मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि स्कॉलर्स को यह सुनिश्चित किया है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार स्कॉलरशिप की राशि में ज्यादा बढ़ोतरी की जाएगी. इस घोषणा के बाद सितंबर से जारी स्कॉलर्स के विरोध प्रदर्शन को रोक दिया गया है.

बता दें कि करीब 1.25 लाख रिसर्च स्कॉलर्स फेलोशिप की रकम में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पिछली बार के मुकाबले इस बार छात्रवृत्ति की रकम ज्यादा बढ़ाई जाएगी और इस पर जल्द ही घोषणा होगी. रिपोर्ट के अनुसार यह उम्मीद की जा रही है कि सरकार 31 दिसंबर तक इसकी घोषणा कर सकती है.

केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से 250 करोड़ रुपये के विशेष अनुदान का उपयोग करते हुए छात्रवृत्तियों के बैकलॉग (लंबित मामलों) को दूर कर दिया है.

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उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायतें बार-बार आ रही थी कि UGC और AICTE द्वारा छात्रवृत्तियां समय पर वितरित नहीं की जा रही है. हमने 250 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान जारी किया और अब छात्रवृत्तियों के सभी लंबित मामलों का निस्तारण कर दिया गया है. यूजीसी और एआईसीटीई छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं.

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