नई दिल्ली: दिल्ली की आप सरकार लगातार स्कूलों की स्थिति सुधारने में लगी है. अगले डेढ़ साल के दौरान स्कूलों में कंस्ट्रक्शन के कई काम होने वाले हैं. इसमें 12,748 नए कमरों का निर्माण भी शामिल है. इन 12,748 कमरों में करीब 10,000 कक्षाएं हैं, जो अगले डेढ़ साल में तैयार की जाएंगी. कक्षाओं के अलावा आप सरकार स्कूलों में शौचायलों, लाइब्रेरी, एसेम्बली हॉल आदि का निमार्ण भी करेगी. यह जानकारी दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दी है. दिल्ली के मुख्यिमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है कि देश की राजधानी में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर इंफ्रास्टक्चर का काम होने वाले हैं. Also Read - दिल्ली: गंभीर हालत में लाए जा रहे हैं मरीज, दूसरी बीमारियों की वजह से हो रही हैं अधिकतर मौतें

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दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि यह प्रोजेक्ट 2,892 करोड़ का है. Also Read - दिल्ली दंगा पीड़ितों को मुआवजे के तौर पर दिए गए 21 करोड़ रुपये, 185 क्लेम अभी भी लंबित

मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 12,748 नये कमरे तैयार करने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. इसमें 9,981 कक्षाएं हैं, 106 मल्टिपर्सपस हॉल और 328 लैब हैं. इसमें 204 लाइब्रेरी, प्रींसिपल, वाइस प्रींसिपल और स्टाफ रूम भी शामि हैं. इसके अलावा 1,067 शौचालय भी बनेंगे.

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2,892.65 करोड़ बजट वाले इस प्रोजेक्ट पर इस वित्तीय वर्ष में Rs 1,300 करोड़ और अगले वित्तीय वर्ष में Rs 1,562.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट पर कौन सी एजेंसी काम करेगी यह PWD तय करेगा.

सिसोदिया ने कहा कि अगले एक से डेढ़ साल के दौरान ये कमरे तैयार कर दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार, सरकारी स्कूलों की क्षमता बढ़ाना चाहती है. इसके बाद 44 लाख छात्रों को स्कूल से जोड़ा जा सकेगा.

साल 2015 में सत्ता में बनाने के बाद AAP सरकार ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 8,000 से ज्यादा कमरे बनवाए हैं. नये कमरे बनवाने के बाद नये बनने वाले कमरों की संख्या 20,000 पहुंच जाएगी. उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब निजी स्कूलों के छात्र सरकारी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में ज्यादा कक्षाओं की जरूरत महसूस की जा रही है.

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