Assam JEE Mains Topper Fraud: असम पुलिस इस वर्ष सितंबर में आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Mains 2020) में एक उम्मीदवार द्वारा कथित तौर पर अपनी ओर से टेस्ट में उपस्थित होने के लिए एक प्रॉक्सी का उपयोग करने के मामले की जांच कर रही है. एचटी की रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि गुवाहाटी के अज़रा पुलिस स्टेशन में मित्रदेव शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी के अनुसार जिस उम्मीदवार ने 99.8% स्कोर किया था, वह कथित तौर पर 5 सितंबर को आयोजित परीक्षा में उपस्थित नहीं हुआ था. Also Read - LHMC B.Sc Nursing Answer Key 2020 Released: NTA ने जारी किया LHMC B.Sc Nursing 2020 का Answer Key, ये रहा चेक करने का Direct Link

गुवाहाटी के एडिशनल डीसीपी (पश्चिम) सुप्रोतिव लाल बरुआ (Suprotiv Lal Baruah) ने कहा, “23 अक्टूबर को इस संबंध में एक शिकायत दर्ज की गई थी. हमने आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि उम्मीदवार ने अपनी ओर से टेस्ट में उपस्थित होने के लिए एक प्रॉक्सी का इस्तेमाल किया.” यह आरोप लगाया जाता है कि उम्मीदवार को शहर के बोरझार स्थित एक केंद्र में टेस्ट के लिए उपस्थित होना था. लेकिन बायोमेट्रिक उपस्थिति की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह निरीक्षक की मदद से परीक्षा हॉल से बाहर आया और उसकी ओर से किसी और ने परीक्षा दी. Also Read - JEE Main 2021 Exam Updates: जेईई मेन 2021 के एग्जॉम हो सकते हैं री-शेड्यूल,अब इस महीने हो सकती है परीक्षा, जानें ताजा अपडेट

बरुआ ने कहा, “उम्मीदवार द्वारा कथित तौर पर एक फोन कॉल के दौरान यह स्वीकार किए जाने के बाद मामला सामने आया, जिसे रिकॉर्ड किया गया था. अभी तक, हमें टेस्ट के दौरान गलत विवरण को लेकर कोई अन्य मामले में नहीं आए हैं.” पुलिस नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के संपर्क में हैं, जो देश भर में टेस्ट आयोजित करती है. इससे पुलिस को JEE Mains से संबंधित डेटा उनकी जांच में मदद मिलेगी. बरुआ ने आगे कहा, “प्राथमिकी दर्ज करने के बाद से राज्य के बाहर का उम्मीदवार बुधवार दोपहर से हमारी हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है. जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किए जाने की संभावना है.” Also Read - UGC NET Answer Key 2020 Released: NTA ने जारी किया शेष बचे UGC NET 2020 का Answer Key, ये रहा डाउनलोड करने का Direct Link 

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उम्मीदवार के माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं. उन्होंने इस अपराध में उम्मीदवार की मदद करने के लिए गुवाहाटी के एक निजी कोचिंग संस्थान को 15-20 लाख रुपये का भुगतान किया था.