नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को यौन उत्पीड़न रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत लाने के प्रयास में राज्य शिक्षा विभाग ने कुछ कदम उठाए हैं. विभाग ने सभी जिला प्राथमिक शिक्षा परिषदों को अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सभी राज्य संचालित प्राथमिक विद्यालयों में आंतरिक शिकायत समितियां (आईसीसी) बनाने के लिए कदम उठाने के लिए विशिष्ट निर्देश भेजे हैं.
राज्य शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी राज्य संचालित प्राथमिक विद्यालय से जुड़े किसी भी व्यक्ति की संभावित शिकायत का आपातकालीन और तत्काल आधार पर समाधान किया जाए.”उन्होंने कहा कि राज्य संचालित प्राथमिक विद्यालयों के लिए विशाखा दिशानिर्देशों के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं, जो कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित प्रक्रियात्मक दिशानिर्देशों का एक संकलन है.
जिला प्राथमिक शिक्षा परिषदों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के तहत विभिन्न राज्य संचालित प्राथमिक विद्यालयों में इस संबंध में हुई प्रगति के बारे में राज्य शिक्षा विभाग को नियमित रूप से अपडेट करें.राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा, “जिला परिषदों के अधिकारियों को संबंधित प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों या प्रधानाध्यापिकाओं के साथ नियमित संपर्क में रहना चाहिए ताकि उन्हें स्पष्ट जानकारी मिल सके कि इस मामले में निर्दिष्ट मानदंडों का उनकी भावना के अनुरूप पालन किया जा रहा है या नहीं.”
मानदंडों के अनुसार, विशाखा दिशानिर्देश को 10 या अधिक कर्मचारियों वाले किसी भी संगठन में लागू किया जाना चाहिए. ऐसे संगठनों में आंतरिक शिकायत समितियों (आईसीसी) का निर्माण अनिवार्य है. इसमें ऐसे संगठनों में स्थायी, अस्थायी या संविदात्मक सभी महिला कर्मचारी शामिल होंगी.
इनपुट-आईएएनएस
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Career Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.