सोशल मीडिया से दूर स्मार्टफोन भी नहीं चलाती पलक, 10वीं में टॉप कर लाई तीसरी रैंक, बनना चाहती हैं IAS
बिहार 10वीं की परीक्षा में टॉप 10 में छपरा मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर सुदूर एकमा प्रखंड के धनाडीह गांव की रहने वाली पलक कुमारी 486 नंबर लाकर बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है.
नई दिल्ली: बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा का रिजल्ट जारी 31 मार्च को किया गया इस परीक्षा में लाखों बच्चे शामिल थे. इस परीक्षा में कई बच्चे पास हुए तो कई फेल कुछ बच्चों ने टॉप किया. 10वीं की परीक्षा में टॉप 10 में छपरा मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर सुदूर एकमा प्रखंड के धनाडीह गांव की रहने वाली पलक कुमारी 486 नंबर लाकर बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है. पलक की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है. पलक ने अपनी मेहनत से ये नंबर हासिल किए हैं, पलक उच्च माध्यमिक विद्यालय हुसेपुर छपरा में पढ़ाई कर रही थी. पलक के पिता कोलकाता में स्कूल बस की ड्राइवर हैं.
पलक के पास नहीं कोई स्मार्टफोन
आज के समय में हर किसी के पास स्मार्टफोन है, जो बच्चों के डिस्ट्रैक्शन का कारण है. लेकिन पलक के पास स्मार्टफोन ही नहीं जिसकी वजह से वह सोशल मीडिया से दूर है. पलक के घर स्कूल से दूर होने की वजह से अपनी बुआ के घर रह कर पढ़ाई करती थी. पलक के पास मोबाइल न होने के कारण उसके टॉप करने की जानकारी गांव के एक भाई ने दी थी. पलक एक आईएएस ऑफिसर बनना चाहती है. उनकी मां ने बताया कि पलक बचपन से ही पढ़ने में अव्वल है. पहले भी हम लोग सपोर्ट करते थे और उसके लक्ष्य के प्राप्ति तक भरपूर सहयोग करते रहेंगे.
पलक की पढ़ाई स्ट्रैटर्जी
पलक कुमारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह 6 से 7 घंटा पढ़ाई करती थी. स्कूल दूर होने की वजह से पढ़ने जाने को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. जिस वजह से अपने बुआ के घर जाकर पढ़ाई की. पलक इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देती है. पलक आगे की पढ़ाई के लिए मेहनत करने को पूरी तरह तैयारी है.
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