पटना: बिहार में जेडीयू-बीजेपी की सरकार अपनी वापसी के बाद राज्‍य में बड़ी संख्‍या में बेरागारों को नौकरियां और रोजगार दिलाने के लिए जुट गई है. बिहार के सामान्‍य विभाग ने सभी विभागों से उनके यहां खाली पदों की जानकारी मांगी है. यह भी पूछा गया है कि इसके अतिरिक्त संविदा के आधार पर कितनी संख्या में नौकरियों का मामला प्रक्रियाधीन है. सरकार की तेजी देखते हुए बिहार में जल्द ही बड़ी संख्या में नियुक्तियां की जा सकती हैं. अगले साल बिहार में बड़ी संख्या में रिक्त सरकारी पदों को भरा जाएगा. इसमें सहायक शिक्षक, बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, जूनियर इंजीनियर, दारोगा, सिपाही जैसे पद हैं. इसके अलावे स्वास्थ्‍य विभाग में भी बड़ी संख्‍या में पदों को भरने की संभावना है. Also Read - 'महाराष्ट्र में अगले 2-3 माह में सरकार बना लेगी बीजेपी, तैयारी हो गई है'

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) बहुमत प्राप्त कर बिहार की सत्ता पर फिर से काबिज हो गई है. इस चुनाव में रोजगार का मुद्दा सबसे अधिक छाया रहा. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने पहली कैबिनेट की बैठक में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने के वादे के बाद भी आरजेडी भले ही सत्ता तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन इस चुनाव में उन्होंने यह साबित कर दिया कि बेरोजगारी बिहार के लिए एक बड़ी समस्या है. इधर, अब राजग सत्ता में पहुंचने के बाद नौकरी को लेकर कवायद प्रारंभ कर दी है. Also Read - लव जिहाद पर बोलीं TMC सांसद नुसरत जहां- प्यार लोगों का निजी मामला, इसपर हुक्म नहीं चलाया जा सकता

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी सरकारी विभागों के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव व सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर आधिकारिक तौर पर रिक्तियों की जानकारी मांगी गई है. पूछा गया है कि उनके विभाग में उनके अधीन रिक्त पदों की कितनी संख्या है. यह भी बताने को कहा गया है कि इसके अतिरिक्त संविदा के आधार पर कितनी संख्या में नौकरियों का मामला प्रक्रियाधीन है. अधिकारियों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने की हिदायत भी दी गई है. Also Read - तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान- बिहार की जनता और बर्दाश्त नहीं करेगी, हम सड़कों पर उतरेंगे

सरकार की तेजी देखते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही बड़ी संख्या में नियुक्तियां की जा सकती हैं. सूत्रों का दावा है कि अगले साल बिहार में बड़ी संख्या में रिक्त सरकारी पदों को भरा जाएगा. इसमें सहायक शिक्षक, बिहार प्रशासनि‍क सेवा के अधिकारी, जूनियर इंजीनियर, दारोगा, सिपाही जैसे पद हैं. इसके अलावा स्वास्थ्‍य  विभाग में भी बड़ी बहाली की संभावना है.

राज्य के भवन निर्माण और विज्ञान प्रावैधिकी मंत्री अशोक चैधरी कहते हैं कि सरकार की प्रथमिकता लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की है. उन्होंने कहा कि रोजगार देने के लिए युवाशक्ति का स्किल विकसित किया जाएगा. बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे लोगों को रोजगार मिल सके.

इधर, शिक्षा विभाग में भी नियुक्ति की जाने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी. नगर विकास विभाग एवं आवास विभाग में जूनियर इंजीनियरों की निुयक्ति की जानी है.

बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों का हवाला देते हुए पहली कैबिनेट की बैठक में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, जिसका उनको समर्थन भी मिला था. इसके बाद भाजपा ने 19 लाख लोगों को रोजगार का देने का वादा किया था.

बहरहाल, फिर से सत्ता तक पहुंची राजग के लिए रोजगार देना एक चुनौती है, लेकिन नीतीश सरकार ने इसके लिए कवायद प्रारंभ कर दी है. अब देखना हेागा कि सरकार को इस मामले में कहां तक सफलता मिलती है.