नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीबीएसई के तीन हजार विद्यालयों को खोलने की विशेष अनुमति प्रदान की है. गृह मंत्रालय द्वारा दी गई इस अनुमति के तहत रेड जोन में भी सीबीएसई केंद्रों को खोलने की मंजूरी दे दी गई है. हालांकि कंटैमिनेटेड एरिया में ऐसी किसी गतिविधि की इजाजत नहीं दी गई है. Also Read - CBSE ने शुरू किया ऑनलाइन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम, चार हजार से अधिक अध्यापकों ने सीखे पढ़ाई के तौर तरीके

गृह मंत्रालय ने यह अनुमति 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन हेतु दी है. गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली, अजमेर, भुवनेश्वर, चेन्नई, देहरादून, गुवाहाटी, पंचकूला, पटना, त्रिवेंद्रपुरम, बेंगलुरु, भोपाल, चंडीगढ़, नोएडा और पुणे में सीबीएसई के केंद्र खोले जा रहे हैं. Also Read - HRD मिनिस्ट्री ने शुरू की एक नई पहल, छात्रों को ऑनलाइन दी जा रही है फिटनेस क्लास 

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “गृह मंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए आप सभी को यह सूचित कर रहा हूं कि आज विद्यार्थियों के हित में, गृह मंत्रालय के निदेर्शानुसार देश की 3000 सीबीएसई स्कूलों को मूल्यांकन केंद्र के रूप में चिह्न्ति किया गया है.” उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि हम 173 विषयों की 1.5 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जल्दी करेंगे और जैसे ही 29 विषयों की परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच में संपन्न होगी, उनके मूल्याकंन के बाद शीघ्र ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे.” Also Read - CBSE Board Examination 2020: दिल्ली की इस जगह को छोड़कर पूरे देश में रद्द हुईं CBSE Board की दसवीं की परीक्षाएं

बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पत्रिका का मूल्यांकन अध्यापक अपने घर पर ही करेंगे. 3 हजार सीबीएसई केंद्रों से उत्तर पत्रिकाओं को अध्यापकों के घर तक ले जाने और वहां से वापस इन्हें इन केंद्रों तक लाने की अनुमति भी गृह मंत्रालय द्वारा दी गई है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शनिवार को इस विषय में एक अहम निर्णय लिया. इस निर्णय के तहत मूल्यांकन केंद्रों से उत्तर पत्रिका है सीधे अध्यापकों के घर भेजी जाएंगी.

इससे पहले शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 10वीं और 12वीं की शेष रह गई बोर्ड परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी है. यह परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच ली जाएंगी. इस दौरान केवल शेष रह गई परीक्षाएं करवाई जाएंगी. छात्र जिन परीक्षाओं को पहले दे चुके हैं उन्हें दोबारा नहीं लिया जाएगा. दसवीं की शेष रह गई बोर्ड परीक्षाएं केवल उत्तर पूर्वी दिल्ली के उन छात्रों के लिए करवाई जा रही हैं जो पहले इन परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सके थे.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “लंबे समय से सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाओं की तिथि का इंतजार था, आज इन परीक्षाओं की तिथि एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच में निश्चित कर दी गई है. मैं इस परीक्षा में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं.”

10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सीबीएसई ने अपना रुख स्पष्ट किया है. सीबीएसई के मुताबिक दसवीं के बोर्ड की यह परीक्षाएं केवल उत्तर पूर्वी दिल्ली के छात्रों के लिए ली जाएंगी. उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी के बाद उपजी हिंसा के कारण यहां दसवीं कक्षा के छात्र अपने परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके थे. स्थिति को देखते हुए सीबीएसई ने इन छात्रों को शेष रह गई परीक्षाओं में दोबारा शामिल होने का अवसर दिया है.