Board Syllabus: असम विधानसभा (Assam Assembly) में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया (Debabrata Saikia) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) से कक्षा 12वीं के पाठ्यक्रम में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Prime Minister Jawaharlal Nehru) की नीतियों पर अध्यायों को बनाए रखने का आग्रह किया है. नेहरू की नीतियां 1984 के सिख विरोधी दंगे, अयोध्या विवाद, गुजरात दंगे, महिला सशक्तीकरण, अल्पसंख्यक अधिकार, मंडल आयोग की रिपोर्ट और पहले तीन आम चुनाव कुछ ऐसे विषय हैं जिन्हें राज्य बोर्ड कक्षा 12वीं के सिलेबस से बाहर रखा गया है.Also Read - Uttarakhand: जागेश्वर धाम गए थे यूपी के भाजपा सांसद, Video Viral होने के बाद दर्ज हुई FIR

COVID-19 महामारी के कारण शैक्षणिक शेड्यूल के नुकसान पर छात्रों के भार को कम करने के लिए असम उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद (AHSEC) द्वारा अध्यायों को बाहर रखा गया था. सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) को लिखे एक पत्र में सैकिया (Debabrata Saikia) ने कहा कि छात्रों के काम के बोझ को कम करने के लिए कोई भी कदम COVID-19 द्वारा बनाई गई असामान्य स्थिति में स्वागत योग्य है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, “हालांकि, किस अध्याय को छोड़ना है, यह सवाल संदिग्ध है.” सैकिया ने नेहरू की राष्ट्र-निर्माण नीतियों, उनकी विदेश नीतियों और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा शुरू किए गए ‘गरीबी हटाओ’अभियान से संबंधित अध्यायों के उदाहरणों का हवाला दिया. Also Read - नाना पटोले ने कहा- केंद्र के खिलाफ 'आजादी' की नई लड़ाई में कांग्रेस का साथ दें युवा, ये एक स्वतंत्रता संग्राम की तरह

सैकिया ने कहा कि नेहरू की छवि को धूमिल करने और राष्ट्र में उनके योगदान को नकारने के लिए पिछले कुछ वर्षों से एक निश्चित अभियान चल रहा है. उन्होंने कहा, “इस बात पर संदेह है कि यह बल पाठ्यक्रम से पंडित नेहरू के बारे में अध्यायों को छोड़ने के AHSEC के फैसले के पीछे है. AHSEC को कुछ अन्य अध्यायों को छोड़ने और नेहरू और उनकी नीतियों को बनाए रखने के लिए निर्देशित करने की आवश्यकता थी.” Also Read - मणिपुर में 6 बार MLA रहे गोविनदास कोंथूजाम ने ज्‍वाइन की BJP, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका