BSEB 10th, 12th Result 2020: बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने कक्षा 10वीं, 12वीं की परीक्षा में एक या दो विषयों में 340633 फेल छात्रों में से 214287 से अधिक छात्रों को ग्रेस मार्क्स देकर पास कर दिया है. इससे पहले बिहार बोर्ड 24 मार्च को ही इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी किया था जबकि 26 मई को लॉकडाउन के बीच Matric का रिजल्ट जारी किया था. देश के कई स्कूल बोर्ड के नतीजे कोरोना महामारी के कारण देरी से जारी किए थे. Also Read - Bihar Board Intermediate Exam 2020-22: BSEB ने इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए आज से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की शुरू, जानें इससे जुड़ी खास बातें 

राज्य में COVID-19 महामारी के बढ़ते संकट के मद्देनजर अभ्यर्थियों को ग्रेस अंक देने के बोर्ड के प्रस्ताव को शिक्षा विभाग की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया. राज्य में कुल कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या करीब 70000 है. वहीं बुधवार को 3600 नए मामले सामने आए हैं. हालांकि, परीक्षार्थियों को कितने ग्रेस अंक दिए गए हैं, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन बोर्ड के फैसले ने बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है और परीक्षा आयोजित करने की जोखिम से बचा है. Also Read - Bihar Board 12th Exam 2021: BSEB ने इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए आवेदन करने की बढ़ाई डेट, जानें इससे जुड़ी खास बातें 

बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि जिन उम्मीदवारों के मार्क्स हायर लेवल पर थे और पासिंग लेवल के करीब थे, वे महामारी के कारण “असाधारण स्थितियों” के कारण इस कदम से लाभान्वित हुए हैं. बोर्ड की वेबसाइट पर एक नई सूची अपलोड की गई है. उन्होंने कहा, “स्थिति के सामान्य होने की प्रतीक्षा करने और फिर कंपार्टमेंटलाइज परीक्षा आयोजित करने से नवंबर-दिसंबर में रिजल्ट में देरी होती, जिससे वर्तमान शैक्षणिक सत्र में किसी भी छात्र को लाभ नहीं होता. यह पूरी तरह से छात्रों के हितों में लिया गया निर्णय है. महामारी के बीच परीक्षा देने के जोखिम से बचने के लिए कुछ अन्य बोर्डों ने भी ऐसा ही किया. ” Also Read - Bihar STET Admit Card 2020 Released: बिहार बोर्ड ने जारी किया Bihar STET का एडमिट कार्ड, इस डायरेक्ट लिंक से करें डाउनलोड 

इंटरमीडिएट परीक्षा में 132486 उम्मीदवार – एक विषय में 46005 और दो विषयों में 86481 – फेल हुए थे, जबकि मैट्रिक में 208147 उम्मीदवार में एक विषय में 108459 और दो विषयों में 99688 फेल हुए थे. ग्रेस मार्क्स के बाद इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में 72610 अधिक उम्मीदवार (54.81%) पास हुए हैं, जबकि 141677 अधिक उम्मीदवार (68.07%) मैट्रिक में पास हुए हैं. बोर्ड ने एक विज्ञप्ति में कहा, “बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने जानकारी दी है कि विभाग ने कोविड -19 महामारी के कारण प्रतिकूल स्थिति को देखते हुए बोर्ड के प्रस्ताव को एक अतिरिक्त अपवाद के रूप में स्वीकार कर लिया है, क्योंकि अगले दो-तीन महीनों में कंपार्टमेंटल परीक्षा आयोजित करने की कोई संभावना नहीं है.”