पटना: लाख कोशिशों के बावजूद हर साल कोई न कोई मामला बिहार बोर्ड के लिए शर्मिंदगी की वजह बन जाता है. एक बार फिर बिहार स्कूल एग्जामिनेश बोर्ड (BSEB) चर्चाओं में है. पटना हाई कोर्ट ने गुरुवार को बीएसईबी पर 1 लाख का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने यह जुर्माना 12वीं के छात्र को एक विषय में जानबूझ कर फेल करने के लिए लगाया है.

दरअसल, यह मामला एक साल पहले का है, जब 12वीं के छात्र सौरभ कुमार को अल्टर्नेटिव इंग्लिश यानी वैकल्पिक अंग्रेजी में 32 अंक मिले. सौरभ कुमार ने आंसरशीट की दोबारा स्क्रूटनी करने की मांग की, जिसके बार उसे इस विषय में मात्र 2 दे दिए गए.

मामला कोर्ट तक पहुंच गया और हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बोर्ड ने इसे ‘clerical error’ माना. यानी बोर्ड ने इसे लिखाई की भूल कहा. बोर्ड की इस गलती के कारण पिछले साल सौरभ को फेल कर दिया गया.

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BSEB अधिकारियों की ओर से की गई इस उपेक्षित व्यवहार के कारण छात्र किसी संस्थान में एडमिशन नहीं ले सका और उसका एक साल बरबाद हो गया. पटना हाई कोर्ट की जस्टिस चक्रधर शरण सिंह की पीठ ने बोर्ड को इस गड़बड़ी के लिए फटकारा और उस पर 1 लाख रुपये का जुमार्ना लगाया.

सौरभ कुमार शिटलपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने पिछले साल BSEB इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी. पिछले साल 30 मई को घोषित नतीजों में सौरभ कुमार ने इंटरमीडिएट में फर्स्ट डिविजन हासिल किया था.

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लेकिन सौरभ को वैकल्पिक अंग्रेजी में कुल 50 अंकों में से सिर्फ 32 अंक मिले थे, जिसके बाद उन्होंने आंसर कॉपी दोबारा चेक करने की मांग की थी. इसके बाद सौरभ को फेल घोषित कर दिया गया. इसके बाद सौरभ का परिवार यह मामला लेकर हाई कोर्ट पहुंचा था.

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