CBSE 10th, 12th Result 2020: सीबीएसई भले ही 1 जुलाई से आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा न कराने का फैसला लिया हो, लेकिन उसे रिजल्ट जल्द ही जारी करने की ओर बढ़ना पड़ेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि मानव संसाधन विकास मंत्री द्वारा एक पूर्व साक्षात्कार में उल्लेख किया गया है कि सीबीएसई कक्षा 10वीं, 12वीं का रिजल्ट 15 जुलाई तक एक विशेष योजना के तहत घोषित किए जाएंगे. Also Read - CTET Certificate: CBSE ने CTET को लेकर किया अहम बदलाव, जानें ये लेटेस्ट अपडेट्स 

यदि कोई छात्र विशेष योजना के तहत दिए गए अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वे बाद की परीक्षा के लिए उपस्थित हो सकते हैं, जिनकी तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है. इसके अलावा इन परीक्षाओं के बाद कोई इम्प्रूवमेंट पेपर आयोजित नहीं किया जाएगा क्योंकि यह सुविधा केवल कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए उपलब्ध है. Also Read - CTET 2021 Registration: आज से CTET 2021 के लिए आवेदन शुरू होने की है संभावना, जानें पूरी डिटेल  

कुछ 40-विषम विषयों के लिए परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी. 10 वीं और 12 वीं कक्षा के छात्रों के लिए जिन्होंने अपनी सभी परीक्षाएं पूरी कर ली हैं, उनका रिजल्ट उनके परफॉर्मेंस के आधार पर घोषित किए जाएंगे. इन परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया लॉकडाउन के दौरान शुरू हुई थी, क्योंकि शिक्षकों को मूल्यांकन करने के लिए उनके घर पर उत्तर पुस्तिका दी गई थी. Also Read - CBSE Class 12th Board Result 2021: CBSE ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया मूल्यांकन फॉर्मूला, इस आधार पर जारी होगा रिजल्ट

उन छात्रों के मामले में जो तीन से अधिक विषयों के लिए उपस्थित हुए हैं, उनके बेस्ट तीन परफॉर्मेंस करने वाले विषयों में प्राप्त अंकों के आधार पर औसत अंक दिए जाएंगे, जिन विषयों की परीक्षा बोर्ड के अनुसार आयोजित नहीं की गई थी. इसके अलावा जो छात्र केवल तीन विषयों के परीक्षा में शामिल हुए हैं, उनके बेस्ट दो परफॉर्मेंस करने वाले विषयों में प्राप्त अंकों के आधार पर औसत अंक दिए जाएंगे, जिनकी  परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी.

सीबीएसई की एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, “कक्षा 12वीं के बहुत कम छात्र हैं, मुख्य रूप से दिल्ली से जो केवल 1 या 2 विषयों की परीक्षा में उपस्थित हुए हैं.” इन छात्रों के लिए रिजल्ट का कैलकुलेशन उपस्थित हुए विषयों के परफॉर्मेंस और इंटरनल या प्रैक्टिकल या प्रोजेक्ट बेस्ड मूल्यांकन में परफॉर्मेंस के आधार पर की जाएगी. इन छात्रों को अपने परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए सीबीएसई द्वारा आयोजित वैकल्पिक परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, यह एक विकल्प है.