CBSE 12th Improvement Examination 2020: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित किए. इस बार भी लड़कियों ने लड़कों से बाजी मारी. लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत लड़कों की तुलना में 5.96 प्रतिशत अधिक रहा. सीबीएसई द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस वर्ष 12वीं कक्षा में परीक्षार्थियों का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 88.78 रहा जो पिछले साल से 5.38 प्रतिशत ज्यादा है. 2019 में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 83.40 रहा था. Also Read - HRD मिनिस्ट्री ने शुरू किया 'एंटी कोविड पाठशाला', देशभर के छात्रों को कोरोना के प्रति किया जा रहा है जागरूक

बता दें कि इस बार कोरोना के कारण उतपन्न हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं कक्षा की बची हुई परीक्षाएं रद्द कर दी थीं. हालांकि आज 12वीं के छात्रों के परिणाम जिन विषयों की उन्होंने परीक्षा दी है उनमें उनके प्रदर्शन, प्रदर्शन और आंतरिक/ व्यावहारिक/ प्रोजेक्ट मूल्यांकन में प्रदर्शन के आधार पर घोषित कर दिए गए हैं. लेकिन इन छात्रों के एक अच्छी खबर ये है कि अगर इनमें से किसी भी छात्र को लगता है कि उनके प्रदर्शन में सुधार करने की जरूरत है तो उनके लिए वैकल्पिक परीक्षाओं का विकल्प दिया जाएगा. Also Read - CBSE Class 10th Result 2020: सीबीएसई 10वीं में पटना रीजन के 90.69% छात्र रहे सफल, रांची के अनन्या को मिले 98.4% अंक 

इन छात्रों को उनके प्रदर्शन में सुधार करने के लिए सीबीएसई द्वारा आयोजित वैकल्पिक परीक्षाओं में भी शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, अगर वे ऐसा करना चाहते हैं तो. हालांकि ये परीक्षाएं कब होंगी इसको लेकर बोर्ड छात्रों को सूचित करेगा. खुद मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा था कि माहौल में सुधार होते ही सीबीएसई कक्षा बारहवीं के छात्रों के लिए उन विषयों में एक वैकल्पिक परीक्षा आयोजित करेगा, जिनके लिए परीक्षा पहली जुलाई से 15 जुलाई, 2020 तक आयोजित की जानी थी. Also Read - CBSE Class 10th Results 2020: HRD मंत्री रमेश पोखरियाल ने छात्रों को दी बधाई, कहा- छात्रों की स्वास्थ्य, गुणवत्ता शिक्षा है हमारी  प्राथमिकता

उन्होंने कहा था कि जिन उम्मीदवारों के परिणाम मूल्यांकन योजना के आधार पर घोषित किए जाएंगे उन्हें, यदि वे चाहें तो, अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए इन वैकल्पिक परीक्षाओं में उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए आगे कोई परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी और मूल्यांकन योजना के आधार पर सीबीएसई द्वारा घोषित परिणाम को अंतिम माना जाएगा. वैकल्पिक परीक्षा में शामिल होने का अवसर केवल 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए उपलब्ध है.

वैसे 12वीं के नतीजों की बात करें तो इस साल भी लड़कियों ने लड़कों से बाजी मारी है. जहां लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 92.15 रहा, वहीं लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 86.19 रहा. लड़कों के मुकाबले लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 5.96 फीसद अधिक है. ट्रांसजेंडर का पास प्रतिशत 66.67 प्रतिशत दर्ज किया गया. मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियान निशंक ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट किया कि छात्र परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर देख सकते हैं. उन्होंने परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वास्थ्य एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.