नई दिल्लीः सीबीएसई (CBSE) इसी साल से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्रों में होने वाले तनाव को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है. इसके लिए बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिससे कि छात्र कम से कम तनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सकें. इसके लिए बोर्ड ने प्रश्न पत्रों में पहले की तुलना में ज्यादा ऑब्जेटिव टाइप (objective type) प्रश्न पूछने का फैसला किया है. इसके साथ ही प्रश्न पत्र में सब्जेक्टिव प्रश्नों के ज्यादा विकल्प दिए जाएंगे.

मौजूदा समय में प्रश्न पत्र के 10 फीसदी सवाल ऑब्जेक्टिव होते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल से ही इसे बढ़ाकर 25 फीसदी किया जाएगा. इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनको बेहतर स्कोर करने में सहायता मिलेगी. अखबार ने सीबीएसई के सूत्रों के हवाले से कहा है कि अगर कोई छात्र किसी खास सवाल को लेकर कंफिडेंट नहीं होगा तो उसके पास पहले की तुलना में 33 फीसदी अधिक सवालों के विकल्प होंगे. इस साल छात्रों को पहले की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित प्रश्न पत्र मिलेंगे. हर पेपर को सब सेक्शन में बांटा गया होगा. उदाहरण के लिए सभी ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों का एक सेक्शन होगा. इसके बाद अधिक नंबर वाले प्रश्न पूछे जाएंगे.

पेपर लीक को रोकने के लिए भी सीबीएसई ने इस साल व्यापक इंतजाम किए हैं. बोर्ड ने एक तंत्र बनाया है जिससे कि सेंटर के अधीक्षकों की रियल-ट्रैकिंग की जा सकेगी. ये अधीक्षक एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए गोपनीय सामग्री हासिल करेंगे.

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गौरतलब है कि पिछले साल बोर्ड परीक्षाओं के दो प्रश्नपत्र लीक हो गए थे. 10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र विषय के प्रश्नपत्र लीक हुए थे. इस कारण बोर्ड को 12वीं के अर्थशास्त्र की परीक्षा दोबारा करानी पड़ी थी. बोर्ड ने 10वीं गणित की परीक्षा दोबारा नहीं करवाई थी.

इस बार सीबीएसई ने परीक्षा अधीक्षकों को ये निर्देश दिया है कि वे अपने बदले किसी अन्य व्यक्ति को गोपनीय सामग्री हासिल करने के लिए न भेजें. इस साल देशभर में करीब 12 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठेंगे. 10वीं की परीक्षा में 18 लाख छात्रों के शामिल होने की संभावना है. इस साल परीक्षा 15 फरवरी को शुरू होगी.

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