नई दिल्लीः CBSE की अध्यक्ष अनिता करवाल ने बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों को अनूठे अंदाज में संदेश दिया है. उन्होंने छात्रों से कहा कि पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने दिमाग के ‘वेब ब्राउजर’ को खोलें, दक्षताओं और जीवन कौशलों को ‘डाउनलोड’ करें तथा ध्यान भटकाने वाली सभी चीजों को ‘फायरवॉल’ (कम्प्यूटर की सुरक्षा के लिए प्रयुक्त सॉफ्टवेयर) करें तथा परीक्षाओं को अपनी जिंदगी के यूआरएल की तरह समझें. Also Read - Delhi Board of School Education: अगले शैक्षणिक वर्ष से दिल्ली का अपना होगा एजुकेशन बोर्ड, केजरीवाल ने इसको लेकर कही ये बात

CBSE की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो रहीं हैं. यह तीन अप्रैल तक चलेंगी जबकि दसवीं कक्षा की परीक्षाएं 21 फरवरी को शुरू होंगी और 29 मार्च को खत्म होंगी. छात्रों से उन्हीं की तकनीकी भाषा में संवाद की कोशिश करते हुए सीबीएसई प्रमुख ने कहा, ‘‘अपनी किताबों को फेस करें और अपनी पढ़ाई को ‘इंस्टा’ करें तथा हैशटैग ‘स्टूडेंट्सस्टॉपेबल’ को ट्रेंड करें.’’ Also Read - CBSE की 10वीं, 12वीं परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए जरूरी खबर, इन विषयों के Exam Dates में हुआ बदलाव, जानें नई तारीख

उन्होंने छात्रों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘स्कूल के दिन छात्रवृत्तियों और शिक्षा के लिए सबसे अच्छे दिन होते हैं क्योंकि इन दिनों में छात्रों के ‘हार्ड डिस्क’ की जगह ग्रहणशील होती है. अपने दिमाग के ‘वेब ब्राउजर’ को खुला छोड़ दें तथा जीवन की कई दक्षताओं और कौशलों को ‘डाउनलोड’ करें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपके पास ‘स्पैम्स’ का पता लगाने और सीखने की ‘बैंडविड्थ’ तेज करने के लिए ‘मैसेंजर्स’ (गुरु) हैं. मत भूलिए कि आपके पास शिक्षा के लिए ‘ऑटोकरेक्ट’, ‘बैकस्पेस’, ‘पॉज’, ‘शिफ्ट’ या ‘डिलीट’ जैसे कई विकल्प हैं.’’ Also Read - CTET Result 2021 Declared: CBSE ने जारी किया CTET 2021 का रिजल्ट, ये है चेक करने का डायरेक्ट लिंक

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की अध्यक्ष ने छात्रों को सलाह दी कि इस समय ध्यान भटकाने वाली सभी बातों को ‘‘फायरवॉल’’ कर दें और मस्ती तथा गेम्स को ‘रेंडम एक्सेस मेमोरी’ में जाने दें. साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षा किसी की सफलता या विफलता का मानदंड नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षाएं आपकी जिंदगी की ‘यूनीफॉर्म रिसॉर्स लोकेटर्स (यूआरएल) की तरह हैं जिसका मकसद आपके ज्ञान के ‘सर्च इंजन’ को उपयोग में लाकर आपके अंदर छिपी असली संभावनाओं और क्षमताओं का पता लगाना है.’’ करवाल ने कहा, ‘‘भविष्य में आप अपने अंक याद भी नहीं रखेंगे लेकिन परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत वाले आपके दिन भरपूर जिंदगी जीने का ‘रास्ता’ होंगे.’’

(इनपुट भाषा)