CBSE, CISCE Reduce Syllabus 2020-21: CBSE और CISCE 2020-21 के बोर्ड परीक्षा के सिलेबस को 30% के बजाय 50% और भी कम करने के बारे में सोच रहे हैं. राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड 45-60 दिनों तक बोर्ड परीक्षा में देरी करने के बारे में सोच रहे हैं क्योंकि स्कूल अभी तक फिर से शुरू नहीं हुए हैं और केवल ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं. हालाँकि, अभी तक इनमें से किसी भी योजना को अंतिम रूप नहीं दिया गया है.Also Read - CBSE Board Exam 2021 Date: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर, पेपर के दिन ही होगा मूल्यांकन; इस राज्य में भी होंगे एग्जाम

केंद्र सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों को फिर से खोलने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. नॉन कंटेनमेंट जोनों में 15 अक्‍टूबर से चरण में स्‍कूलों को फिर से खोल सकते हैं. निर्णय और विधि को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार राज्य सरकारों पर छोड़ दिया गया है. लेकिन चूंकि कई माता-पिता अपने बच्चों को स्कूलों में भेजने के खिलाफ हैं और भारत में कोविड -19 की स्थिति अभी तक स्थिर नहीं है, इसलिए यह बहुत अधिक संभावना है कि स्कूल कभी भी पूर्ण तरीके से फिर से नहीं खुल रहे हैं क्योंकि उपस्थिति बहुत कम है. Also Read - CISCE ISC Semester 1 Examination: 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में अभ्यर्थी कर सकेंगे कैलकुलेटर का इस्तेमाल, जानें नियम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) ने जुलाई में कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम में 30% की कमी की है. CBSE ने कहा कि हटाए गए विषयों से कोई बोर्ड परीक्षा (Board Exam) के प्रश्न निर्धारित नहीं किए जाएंगे, लेकिन NCERT द्वारा प्रदान किए गए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार छात्रों को पढ़ाने के लिए स्कूल स्वतंत्र हैं. इसने CBSE सिलेबस के आधार पर CBSE के सैंपल पेपर भी जारी किए हैं. CBSE और CISCE के बाद कई राज्य बोर्डों ने भी अनुसरण किया और उन्होंवे सिलेबस को 25% से घटाकर 30% कर दिया है. Also Read - CBSE, CISCE 10th 12th Board Exam Update: 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों को झटका! नहीं मिलेगी ये छूट...

टीओआई से बात करते हुए CBSE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चूंकि सामान्य कक्षाएं अभी भी फिर से शुरू नहीं हुई हैं, इसलिए CBSE 2021 की बोर्ड परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम को और कम कर सकता है. उन्होंने कहा कि बोर्ड जल्द ही एक निर्णय लेगा कि क्या बोर्ड परीक्षा 70% पाठ्यक्रम के साथ या 50% पाठ्यक्रम के साथ आयोजित की जाएगी. उन्होंने कहा कि चूंकि शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं के मानक बहुत भिन्न हैं, इसलिए स्थिति की समीक्षा करने और निर्णय लेने से पहले शारीरिक कक्षाओं को शुरू करने की आवश्यकता होगी.

उन्होंने कहा कि सिलेबस पूरा करने के लिए बोर्ड परीक्षा को अप्रैल में स्थानांतरित किया जा सकता है और यह भी कहा गया है कि स्कूल भी CBSE को सिलेबस कम करने और बोर्ड परीक्षा में देरी करने के लिए कह रहे हैं.