CBSE 10th 12th Board Exam Date Sheet News: CBSE की 10वीं और 12वीं परीक्षा की तारीखों (CBSE Board Date Sheet) का ऐलान हो चुका है. शिक्षा मंत्री डॉक्टर रमेश पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) ने 31 दिसंबर की शाम घोषणा की थी कि बोर्ड परीक्षा 4 मई से 10 जून तक चलेगी. इसके साथ ही प्रैक्टिकल परीक्षा 1 मार्च से शुरू होंगी. हालांकि CBSE की तरफ से डेटशीट का अब भी इंतजार किया जा रहा है.Also Read - देशभर में महिलाओं को केंद्र सरकार दे रही है 2.20 लाख रुपये कैश-25 लाख का लोन, आपको मिले क्या? जानिए हकीकत...

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सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि CBSE ने 10वीं, 12वीं परीक्षा की डेटशीट (CBSE Date Sheet) जारी कर दी है. PIB की फैक्ट चेक में यह दावा गलत पाया गया. CBSE की तरफ से बोर्ड परीक्षाओं की कोई डेटशीट जारी नहीं की गई है. हालांकि शिक्षा मंत्री ने यह कहा है कि बोर्ड की परीक्षा 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी. Also Read - CBSE Class 12th Result Update: 12वीं कक्षा के रिजल्ट को लेकर छात्रों के मन में उठ रहे सभी सवालों का शिक्षा मंत्री ने दिया जवाब...जानें ताजा अपडेट...

इससे पहले एक खबर में दावा किया गया था कि ‘श्रम कानून में बदलाव की वजह से अगले साल से सरकारी कर्मचारियों का वेतन कम हो जाएगा’. हालांकि पीआईबी की फैक्ट चेक (PIB fact Check) में यह दावा फर्जी पाया गया.

PIB fact Check की तरफ से ट्वीट किया गया, ‘एक न्यूज आर्टिकल में दावा किया जा रहा है कि श्रम कानून में बदलाव होने के कारण अगले साल से सरकारी कर्मचारियों का वेतन कम हो जाएगा. यह दावा फर्जी है. वेतन विधेयक, 2019 केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा.

इससे पहले एक खबर में यह दावा किया जा रहा था कि ‘भारत सरकार की तरफ से जारी नए नियम के मुताबिक अगर किसी शख्स ने 3 महीने तक राशन कार्ड (Ration Card) का इस्तेमाल नहीं किया तो यह मान लिया जाएगा कि वह व्यक्ति अब सक्षम है. ऐसे में उसे राशन की जरूरत नहीं है और उसका राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा.

सरकार की तरफ से इसे लेकर स्पष्टीकरण जारी किया गया. इसमें यह कहा गया कि यह दावा फर्जी है और सरकार की तरफ से राशन कार्ड के नियमों (Ration Card New Rules) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी तीन महीने की बात वाली खबर बेबुनियाद और गलत है.

बता दें कि सरकार की तरफ से बार-बार अपील की जाती रही है कि जब तक आधिकारिक घोषणा न हो तब तक भ्रामक खबरों (Fake News) पर यकीन नहीं करें. इसके लिए PIB की तरफ से Fact Check की भी शुरुआत की गई है. इसका उद्देश्य लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और भ्रामक खबरों के खिलाफ सचेत करना है. पीआईबी ने इस दावे को क्रॉस चेक किया और पाया कि यह जानकारी फर्जी है.

बता दें कि प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इंटरनेट पर प्रचलित गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों को रोकने के लिए दिसंबर 2019 में इस तथ्य-जांच विंग को लॉन्च किया. पीआईबी का उद्देश्य ‘सरकार की नीतियों और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित होने वाली योजनाओं से संबंधित गलत सूचना की पहचान करना है.’