
Azhar Naim
मैं अज़हर नईम हूं और फिलहाल India.com में ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा हूं. यहां मैं ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों ... और पढ़ें
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साल 2026 में होने वाली कक्षा 10 वीं की बोर्ड परीक्षा को में बड़े बदलाव किया हैं. बोर्ड ने इन बदलाव के तहत सभी संबद्ध स्कूलों को नए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं. ये नए बदलाव खास तौर पर विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों की परीक्षा से जुड़े हैं. बोर्ड का मानना है कि इन बदलावों से परीक्षा प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनेगी और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में होने वाली गलतियों पर भी काबू पाया जा सकेगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, 10वीं के विज्ञान के प्रश्न पत्र को अब तीन स्पष्ट खंडों में बांटा जाएगा. बता दें कि, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान अब अलग-अलग खंड में होंगे. इसके अलावा सामाजिक विज्ञान के प्रश्न पत्र में भी बदलाव किए गए हैं, इस विषय के प्रश्न पत्र को 4 हिस्सों में बांटा जाएगा, जिसमें इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र अब अलग-अलद खंडों में रखा जाएगा. बोर्ड ने साफ किया है कि यह नया पैटर्न 2026 की बोर्ड परीक्षा से लागू होगा.
CBSE ने कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में उत्तर लिखने के तरीके को लेकर बेहद स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. नए नियमों के अनुसार, छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका को विषय के आधार पर अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करना होगा. विज्ञान विषय के लिए उत्तर पुस्तिका को तीन भागों में और सामाजिक विज्ञान के लिए चार अलग-अलग भागों में बांटना अनिवार्य होगा. बोर्ड ने साफ कहा है कि प्रत्येक खंड के प्रश्नों के उत्तर उसी खंड में लिखने होंगे. अगर किसी छात्र ने किसी एक विषय या खंड का उत्तर गलती से दूसरे खंड में लिख दिया या अलग-अलग खंडों के उत्तरों को आपस में मिला दिया, तो ऐसे उत्तरों को जांच के दौरान मान्य नहीं माना जाएगा और उनके लिए कोई अंक नहीं दिए जाएंगे.
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद होने वाले सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के समय भी इस तरह की गलतियों को सुधारने का कोई मौका नहीं मिलेगा. यानी एक बार उत्तर गलत जगह लिखा गया, तो बाद में उसे ठीक नहीं किया जा सकेगा. बोर्ड का मानना है कि इस नियम से छात्रों में अनुशासन आएगा और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और आसान हो सकेगी.
अगर आप परेशान हो रहे हैं कि आप कैसे इस पैटर्न को समझ सकेंगे, तो आपको अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. दरअसल, CBSE ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह परिक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों को पहले ही इन नए पैटर्न से परिचित कराएं. स्कूलों से कहा गया है कि वे पढ़ाई के दौरान ही छात्रों को खंडवार उत्तर लिखने का अभ्यास कराएं, ताकि बोर्ड परीक्षा के समय किसी तरह की परेशानी न हो.
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