नई दिल्ली. सीबीएसई (CBSE) ने आगामी बोर्ड परीक्षा में छात्रों को एक बड़ी राहत दी है. आने वाली सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2020 में दसवीं (10th) और बारहवीं (12th) के परीक्षार्थी को अब लेंदी यानी लंबे जवाबों वाले प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे. सीबीएसई ने ट्वीट कर ये बताया की अब बोर्ड कि परीक्षा में वर्णात्मक प्रश्नों यानी डिस्क्रिपटिव क्वेश्चनों की संख्या कम कर दी गई है. सीबीएसई ने ये दावा भी किया है कि पेपर पैटर्न के इस बदलाव से परीक्षार्थी अब बिना तनाव के परीक्षा दे सकते हैं. इस परिवर्तन से छात्रों में रचनात्मक तरीकों से जवाब लिखने की शैली में भी वृद्धि होगी.

सीबीएसई कक्षा दसवीं (CBSE Class 10th) के कई विषयों जैसे हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान और संस्कृत के पेपर अब लंबे नहीं होंगे. इसका मतलब ये है कि इन विषयों में डिस्क्रिपटिव क्वेश्चन की संख्या कम कर दी गई है.

वहीं बारहवीं बोर्ड (12th Board) की परीक्षा में भी ऐसा ही पैटर्न रखा गया है. मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, अकाउंट, सोशियोलॉजी, इकोनॉमिक्स, बिजनेस स्टडीज जैसे विषयों में भी वर्णात्मक प्रश्नों की संख्या घटाई गई है. इसके साथ-साथ छात्रों को आराम देने लिए बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं के सभी विषयों में 20 अंक प्रैक्टिकल अथवा इंटरनल के लिए निर्धारित किए हैं.

सीबीएसई के इस कदम से छात्रों पर बोर्ड की परीक्षा का दबाव कम रहेगा जिसके फलस्वरूप वे परीक्षा के दौरान किसी भी तरह के तनाव से दूर रहेंगे.