नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE ) ने घोषणा की है कि 9वीं और 11वीं कक्षा के जो छात्र इस साल परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए, उन्हें कोविड-19 संकट के मद्देनजर स्कूल में होने वाली परीक्षा में शामिल होने का एक और मौका दिया जाएगा. Also Read - CBSE CTET Exam Admit Card 2020: इस दिन जारी हो सकता है एडमिट कार्ड, सिर्फ इतने परीक्षार्थी होंगे एक कक्ष में, ये होंगे बड़े बदलाव

बोर्ड ने दोहराया कि यह छूट सभी छात्रों को दी जाएगी भले ही इस अधिसूचना से पहले भी उन्हें कोई मौका दिया गया हो. बता दें कि सीबीएसई ने पिछले महीने 8वीं तक के सभी छात्रों को बिना परीक्षा लिए ही उत्तीर्ण करने की घोषणा की थी. Also Read - CBSE Board exam Latest News: CBSE ने दिव्यांग छात्रों को दी बड़ी राहत, अब बोर्ड परीक्षाओं में नहीं होना पड़ेगा शामिल, ऐसे मिलेंगे मार्क्स

सभी को यह मौका, छात्र कितने भी विषयों की परीक्षा दे सकते
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने गुरुवार को कहा, ”अभिभावकों और छात्रों के अनुरोध पर कोविड-19 की अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए सीबीएसई ने केवल इस वर्ष छात्रों को स्कूल में होने वाली परीक्षा में शामिल होने का एक और मौका देने का निर्णय किया है. चाहे उनकी परीक्षा पूरी हो चुकी हो या उसके नतीजे घोषित किए जा चुके हों या परीक्षा पूरी ना हुई हो सभी को यह मौका दिया जाएगा. छात्र कितने भी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं.” Also Read - सीबीएसई का साइबर सुरक्षा हैंडबुक, बदला लेने के लिए अश्लील सामग्री नहीं, तय हो ऑनलाइन दोस्ती की सीमा 

कोविड-19 की अभूतपूर्व स्थिति पर केवल यह मौका
बोर्ड ने यह स्पष्ट किया कि यह मौका कोविड-19 की अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए केवल इस वर्ष दिया जा रहा है और भविष्य में ऐसा नहीं किया जाएगा.

स्कूल इन छात्रों की ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षाएं ले सकते हैं
भारद्वाज ने कहा, ”स्कूल इन छात्रों की ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षाएं ले सकते हैं और परीक्षाओं के आधार पर छात्रों को उत्तीर्ण करने का फैसला ले सकते हैं. उन सभी विषयों की परीक्षा ली जा सकती है, जिसमें छात्र अनुत्तीर्ण हैं. परीक्षा लेने से पहले स्कूलों को छात्रों को तैयारी करने का पर्याप्त समय भी देना होगा.’’

बच्चे घर में बंद, उनके स्कूल बंद भी बंद, वे तनाव और चिंता से घिरे हैं
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक ने कहा, ”यह अभुतपूर्व स्थिति है. बच्चे घर में बंद हैं. उनके स्कूल बंद हैं. वे मानसिक तनाव और चिंता से घिरे हैं. अभिभावकों को वेतन और परिवार के स्वास्थ्य की चिंता है. यह मुश्किल समय है, अगर बच्चे स्कूली परीक्षा में भी उत्तीर्ण नहीं हो पाए तो और निराश हो जाएंगे.

छात्रों का तनाव दूर करने और उनकी चिंता कम करने का प्रयास 
भारद्वाज ने कहा, ”इस मुश्किल समय में, हम सबको साथ आकर छात्रों का तनाव दूर करने और उनकी चिंता कम करने के लिए साझा प्रयास करने चाहिए.

10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाएं एक से 15 जुलाई के बीच
कोविड-19 से निपटने के लिए किए गए उपायों के तहत देशभर में 16 मार्च से विश्वविद्यालय और स्कूल बंद हैं. सीबीएसई ने इससे पहले 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाएं एक से 15 जुलाई के बीच कराने की घोषणा की थी.