नई दिल्ली: साल 2018 की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने कहा था कि अगर मुझे दोबारा स्कूल या कॉलेज जाने का मौका मिलता तो मैं निश्चित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स की पढ़ाई करता. आने वाले समय में इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होगी. बदलते एजुकेशन सिस्टम और तकनीक की दुनिया से तालमेल बिठाने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेंकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का फैसला किया है.

फिलहाल इसे 8वीं, 9वीं और 10वीं कक्षाओं में शुरू किया जा रहा है. अगले एकेडमिक सेशन से इन कक्षाओं के छात्रों को वैकल्पिक पाठ्यक्रम के रूप में यह कोर्स पढ़ना होगा.

हालांकि CBSE ने इसके लिए अब तक कोई ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है. लेकिन इस खबर को सीबीएसई के एक अधिकारी ने कंफर्म किया है. अधिकारी ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स को एक स्किल सब्जेक्ट के रूप में छात्रों को पढ़ाया जाएगा.

पूरे देश में सीबीएसई के 20,299 स्कूल हैं. जबकि देश से बाहर 25 अन्य देशों में 220 स्कूल सीबीएसई से संबद्ध हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कोर्स इन सभी स्कूलों में शुरू किया जाएगा. फिलहाल CBSE साल 2019 में होने वाली बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में जुटा हुआ है, जो फरवरी में ही आयोजित होने वाली हैं.

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