नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों देशभर के छात्रों, अभिभावकों और स्कूली शिक्षकों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ की थी. इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने अगले कुछ महीनों में परीक्षा देने वाले छात्रों को पढ़ाई के दौरान तनाव से बचने की कई तरकीबें बताई थीं. पीएम मोदी ने छात्रों के अलावा उनके अभिभावकों या माता-पिता और शिक्षकों को भी यह सलाह दी थी कि वे छात्रों के ऊपर परीक्षा को लेकर अतिरिक्त दबाव न डालें. उन्होंने बताया था कि तनाव से बचकर ही जीवन में सफलता की ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं.

पीएम मोदी की इस सलाह पर केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE भी अमल करने जा रहा है. CBSE परीक्षा संबंधी तनावों को कम करने के लिए छात्रों और माता-पिता को शुक्रवार से मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा मुहैया कराएगी. बोर्ड ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

बोर्ड ने बताया कि परीक्षा तनाव से संबंधित मुद्दों को हल करने पर केंद्रित मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवा का 22वां सत्र चार अप्रैल को समाप्त होगा और सभी दिन सुबह आठ बजे से रात के दस बजे तक चलेगा. इस साल से सीबीएसई ने एक टोल फ्री नंबर से इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) शुरू की है, जहां से छात्र /माता-पिता/हितधारक बोर्ड परीक्षाओं का सामना करने के लिए पूर्व में रिकॉर्ड की गई उपयोगी सूचना हासिल कर सकते हैं.

इसमें बेहतर तैयारी, समय और तनाव प्रबंधन के तौर-तरीकों सहित, एएक्यू सहित लाइव टेलीकाउंसलिंग सेवाएं शामिल होंगी. बोर्ड ने कहा कि देश और विदेश में स्थित सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों में स्कूल के प्रधानाध्यापक और प्रशिक्षित काउंसलर सीबीएसई टेलीकाउंसलिंग की सेवा प्रदान करेंगे.

(इनपुट – एजेंसी)