रायपुर: देशभर में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने 21 दिनों का लॉकडउन लगा दिया था. इसके कारण लोगों के काम-धंधे भी बंद हो गए थे, जिसकी वजह से लोग आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं. ऐसे में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान छात्रों की फीस जमा करने के लिए अभिभावकों पर दबाव डालना बंद करें. Also Read - Coronavirus: सीएम शिवराज सिंह चौहान बोले- MP में धीमी हुई मरीजों के दोगुना होने की दर

सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट करके कहा “कई निजी स्कूल छात्रों के अभिभावकों को स्कूल की फीस जमा करने के लिए संदेश भेज रहे हैं. ऐसे समय में फीस के लिए उन पर दबाव डालना उचित नहीं है. सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान फीस की वसूली स्थगित रखें. ” Also Read - Video: COVID19 से जंग जीतने वाले एक माह के मासूम को मुंबई के अस्‍पताल ने ऐसे दी विदाई


छत्तीसगढ़ के सीएम द्वारा उठाया गया यह पहला कदम नहीं है, उन्होंने पहले भी कई ऐसे कदम उठा चुके हैं जिससे कि छात्रों और अभिभावकों को राहत मिल सकें. बघेल ने पिछले महीने लोक शिक्षा निदेशक को एक आदेश जारी करके कहा था कि शैक्षिक सत्र 2019-20 में कक्षा 1 से 9 और 11वीं में पढ़ने वाले छात्रों को सामान्य पदोन्नति के तहत अगली कक्षा में प्रमोट किया जाए.

उल्लेखनीय है कि राज्य में खतरनाक कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने 19 मार्च से सभी स्कूलों को बंद कर दिया था और हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था. वहीं इस वायरस के खतरे को देखते हुए  पूरे छत्तीसगढ़ को 20 मार्च से बंद कर दिया गया था.  इसके बाद केंद्र सरकार ने 24 मार्च से 14 अप्रैल तक देशव्यापी बंद का आह्वान किया था.