New Education Policy 2020: पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने केंद्र द्वारा घोषित नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को रविवार को ‘अराजक’ करार दिया और कहा कि उसमें कई अनुत्तरित प्रश्न हैं. उन्होंने दावा कि इस नीति में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कोई विशिष्ट और स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं है एवं उसमें यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि उसे लागू करने की वित्तीय जिम्मेदारी क्या राज्य सरकारों पर आएगी. Also Read - Independence Day 2020: शिक्षा मंत्रालय और MyGov स्कूली छात्रों के लिए आयोजित कर रहा है निबंध प्रतियोगिता, जानें पार्टिसिपेट से जुड़ी तमाम बातें   

उन्होंने कहा कि एनईपी में गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर हिंदी थोपने की कोशिश की गई है. मुख्यमंत्री ने नीति को इस केंद्रशासित प्रदेश के लिए ‘अस्वीकार्य’ करार देते हुए कहा, ‘‘उत्तरी राज्यों के लिए जो प्रासंगिक हैं, वे दक्षिणी राज्यों के लिए भी उपयुक्त नहीं हो सकते.’’ उन्होंने कहा कि पुडुचेरी पहले ही अपने आप को शिक्षा विकास के केंद्र के रूप में स्थापित कर चुका है. केंद्र पर एनईपी के जरिए संस्कृत ‘थोपने’ का आरोप लगाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वह ‘भ्रम’ पैदा कर रहा है . Also Read - New Education Policy 2020: पीएम मोदी ने कहा- 21वीं सदी के नए भारत की बुनियाद बनेगी यह शिक्षा नीति

नारायणसामी ने कहा कि उनकी सरकार एनईपी पर अपना विचार दर्ज कराने के लिए शीघ्र ही सभी वर्गों की राय लेगी और वह मंत्रियों, विधायकों, अकादमिक विद्वानों के साथ बैठक करेगी. उनके अनुसार एनईपी पर इस केंद्रशासित प्रदेश सरकार के रुख पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसे केंद्र को भेजा जाएगा. केंद्र सरकार ने बुधवार को एनईपी 2020 जारी किया था. Also Read - New Education Policy 2020: पीएम मोदी आज उच्च शिक्षा पर आयोजित कॉन्क्लेव को करेंगे संबोधित, पहली बार इस नीति पर बोलेंगे