नई दिल्ली: देशभर में कोरोना संक्रमण के कारण लाखों अभिभावक स्कूल खोले जाने को लेकर आशंकित हैं. अभिभावकों के एक बड़े समूह ने प्रधानमंत्री से फिलहाल स्कूल न खोले जाने की भी अपील की है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक स्थिति का आकलन किया जा रहा है और इसके आधार पर ही आगे कोई निर्णय लिया जा सकेगा.Also Read - COVID-19 Update: देश में आज आए कोरोना के 41,831 नए केस, लगातार बढ़ रहे एक्‍टिव मरीज

स्कूल खोलने को लेकर क्या योजना है, विशेषकर प्राथमिक स्तर के छात्रों के लिए, इसपर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “अनलॉक 3 की गाइडलाइंस के तहत गृह मंत्रालय ने स्कूल, कॉलेज और सभी कोचिंग संस्थान 31 अगस्त तक बंद रखने का निर्देश दिया है. आगे गृह मंत्रालय की जो भी गाइडलाइंस आएगी, उसके अनुसार हम निर्णय लेंगे.” Also Read - केरल और महाराष्ट्र से कर्नाटक आने वाले सभी यात्र‍ियों के लिए RT-PCR की निगेटिव जांच रिपोर्ट जरूरी: SW Railway

अभिभावक समूहों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फिलहाल स्कूल न खोलने की अपील की है. उधर, दूसरी ओर दिल्ली सरकार चाहती है कि जल्द से जल्द स्कूल खोल दिए जाएं. दिल्ली सरकार के मुताबिक छात्रों का स्कूल जाना बेहद आवश्यक है और स्कूल जाकर ही छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सकता है. Also Read - असम और मिजोरम सरकार के साथ लगातार संपर्क में गृह मंत्रालय, जानिए मामले में अब तक क्या हुआ

फिलहाल कोरोना संक्रमण को देखते हुए पूरे देश भर में 31 अगस्त तक सभी स्कूल कॉलेज बंद हैं. इसलिए स्कूल खोलने को लेकर कोई भी नया निर्णय सितंबर माह के दौरान ही लिया जा सकता है.

इससे पहले दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “हम सब दुआ करें कि स्कूल जल्द से जल्द खुलें. प्रार्थना में बहुत ताकत होती है. स्कूल का कोई विकल्प नहीं है. स्कूल जाने से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है. इसलिए हम चाहते हैं कि स्कूल जल्द से जल्द खुले. जब तक स्कूल नहीं खुल रहे, तब तक ऑनलाइन को बेहतर करने का प्रयास है.”

वहीं, शिक्षा मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति की बैठक में कहा गया कि वर्ष 2020 शून्य शिक्षा वर्ष नहीं होगा, साथ ही अभी पूरे देश में स्कूल खोले जाने को लेकर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है. यह जानकारी सोमवार को शिक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति की बैठक में सामने आई. कक्षा 4 और उससे बड़ी कक्षाओं के लिए ऑनलाइन क्लास भी जारी रहेगी.

राज्य सभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय संबंधी संसद की स्थायी समिति ने कोरोनोवायरस महामारी के बीच शिक्षा और छात्रों की स्थिति पर चर्चा की है. सहस्रबुद्धे के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से यह समिति की पहली बैठक थी. बैठक में स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा के सचिव, यूजीसी के अध्यक्ष, एआईसीटीई और सीबीएसई के अधिकारी शामिल हुए.