Declared! JEE Mains Result 2020: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शुक्रवार शाम को जेईई मेन रिजल्ट 2020 (JEE Mains Result 2020) जारी कर दिया है. 1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित जेईई (मेन) परीक्षा (JEE Mains Exam) में कुल 24 छात्रों ने 100 परसेंटाइल स्कोर किया है. इसमें से तेलंगाना के आठ, दिल्ली के पांच, राजस्थान के चार और आंध्र प्रदेश के तीन छात्र  शामिल थे. Also Read - NEET Answer Key 2020: NTA ने जारी किया नीट का Answer Key, ये है डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक

NTA के DG विनीत जोशी (Vineet Joshi) ने कहा, “NTA ने बहुत ही तेजी से इस परीक्षा का रिजल्ट घोषित किए हैं. इसके अलावा यह परीक्षा अधिकतम पारियों की संख्या में आयोजित की गई थी.” बता दें कि चिराग फालोर, गुरकीरत सिंह, लक्ष्य गुप्ता, निशांत अग्रवाल और तुषार सेठी दिल्ली के टॉपर्स में से थे. तेलंगाना की चुक्का तनुजा एकमात्र लड़की थी, जिसने 100 परसेंटाइल स्कोर किया था. 100 प्रतिशत प्राप्त करने वाले राज्य के अन्य लोग थे, जिसमें चगारी कुशल कुमार रेड्डी, दीती यश चंद्रा, मोरेदीगढ़ी शिखाथ रेड्डी, राचापाल शशांक अनिरुद्ध, रोंगला अरुण सिद्दार, शिव कृष्ण सागरा और वाडापल्ली अरविंद नरसिम्हा शामिल हैं. Also Read - NEET Answer Key 2020: NTA इस सप्ताह कभी भी जारी कर सकता है आंसर की, रिजल्ट अक्टूबर के सेकेंड वीक में होगा घोषित, जानें पूरी डिटेल

NTA के एक अधिकारी ने बताया कि अनंत वोहरा ने विकलांग वर्ग में सबसे अधिक 99.84 प्रतिशत अंक हासिल किए है. रिजल्ट जनवरी और सितंबर में आयोजित जेईई परीक्षा (JEE Mains Exam) के आधार पर संकलित किए गए हैं. इससे पहले, दिल्ली का लड़का निशांत अग्रवाल उन नौ छात्रों में से एक था, जिन्होंने जनवरी में आयोजित जेईई (मुख्य) परीक्षा (JEE Mains Exam) में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. 100 प्रतिशत अंक हासिल करने वालों में से गुजरात के निसर्ग चड्ढा, हरियाणा के दिव्यांशु अग्रवाल और हर्षवर्धन अग्रवाल, जितेंद्र लांडा, वाईएसएस नरसिम्हा नायडू और आंध्र प्रदेश के थादवरन विष्णु श्री साईं शंकर, महाराष्ट्र से स्वयंवर शशांक चौबे, राजस्थान से आर मुहेंद्र राज, पार्थ द्विवेदी, अखिल अग्रवाल और अखिल जैन थे. Also Read - UGC NET Admit Card 2020 Released: NTA ने जारी किया यूजीसी नेट का एडमिट कार्ड, इस Direct Link से करें डाउनलोड

इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए जेईई (मेन) की परीक्षा देने वाले 8.58 लाख उम्मीदवारों में से 6.35 लाख ने COVID-19 के खतरे को भांप लिया और शिक्षा मंत्रालय के अनुसार परीक्षा दी. COVID-19 मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर 1 से 6 सितंबर तक प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के केंद्र के निर्णय पर बहुत सवाल खड़े किए गए थे. हालांकि, सरकार ने महसूस किया कि परीक्षा में और देरी करना छात्रों के हित में नहीं होगा और इससे शून्य वर्ष हो सकता है.