नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दौरान अभी स्कूल खुलने को लेकर पक्के तौर पर कुछ ना कहा जा रहा हो. लेकिन ऐसे वक्त में दिल्ली सरकार ने शिक्षा को जारी रखने के लिए ‘Learning with human feel’ नाम से एक योजना बनाई है. इस योजना के तहत बच्चों की ऐसी शिक्षा पर जोर दिया है जिससे टीचर-बच्चों का जुड़ाव बना रहे और डिजिटल डिवाइड पैदा न हो.Also Read - Delhi Unlock Update: दिल्ली में सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स खोलने की मिली इजाजत, पूरी क्षमता के साथ चलेंगी बसें और मेट्रो

पढ़ाई ज़ारी रखने के लिए दिल्ली सरकार की योजना
1. KG से 8th कक्षा: टीचर WhatsApp के माध्यम से गाइडलांस देंगे.
2. 9th से 10th कक्षा: इसमें टीचर द्वारा स्टडी मटेरियल तैयार कर व्हाट्सएप्प पर शेयर किया जाएगा.
3. 11 से 12th क्लास: टीचर 45 मिनट के ऑनलाइन पीरियड लेंगे.

मनीष सिसोदिया, शिक्षा मंत्री के मुताबिक दिल्ली के स्कूलों को 31 जुलाई तक बंद रखने का आदेश दिया गया है, लेकिन यह योजना के तहत शिक्षा 3 जुलाई से लागू होगी. नया कार्यक्रम डिजिटल सुविधाओं के बिना छात्रों तक पहुंचने और ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करते हुए भी व्यक्तिगत स्तर पर प्रत्येक छात्र से जुड़ने पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक के लिए हर छात्र के साथ जुड़ना अनिवार्य है.  उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कक्षाएं अक्सर छात्रों के बड़े पैमाने पर व्याख्यान देने की एक अलग ही दिनचर्या का पालन करती हैं और सिर्फ ऑडियो वीडियो मॉड्यूल सीखने के अनुभव से दूर ले जा रही थीं. Also Read - Electric Vehicle Subsidy: इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सरकार दे रही है बंपर सब्सिडी, जानिए- कैसे लें फायदा?

उन्होंने कहा, “स्कूल जाने का अनुभव, सहकर्मी सीखने, व्यावहारिक कक्षाएं, पुस्तकालय का दौरा करना, एक साथ सीखना और शिक्षक के साथ एक से जुड़कर डिजिटल शिक्षण के माध्यम से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है,” उन्होंने नए कार्यक्रम की आवश्यकता पर विस्तार से बात करते हुए  कहा कि इन मुद्दों में से कुछ को संबोधित करने का लक्ष्य है. डिप्टी सीएम द्वारा प्रदान की गई व्यापक रूपरेखा के अनुसार KG और VIII के बीच कक्षाओं के शिक्षक छात्रों के साथ जुड़े रहेंगे और व्हाट्सएप समूहों पर काम करेंगे और हर व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत करेंगे. Also Read - Delhi Vaccination Drive: दिल्ली में खत्म हुआ Covishield का भंडार, आज बंद रहेंगे ज्यादातर वैक्सीनेशन सेंटर

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा किए गए आकलन के अनुसार लगभग 20% छात्रों के पास व्हाट्सएप की सुविधा नहीं है और ऐसे बच्चों के माता-पिता को शिक्षकों द्वारा शिक्षण सामग्री साझा करने के लिए संपर्क किया जाएगा और वे फोन पर बच्चों के साथ संबंध बनाए रखेंगे.