नई दिल्लीः दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने बुधवार को एक प्रावधान को पारित किया जिसके तहत विश्वविद्यालय में 10 प्रतिशत स्थायी पदों पर अनुबंध के आधार पर नियुक्तियां होंगी. इसका कुछ सदस्यों ने विरोध किया. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने बुधवार को हुई बैठक में अनुबंध के आधार पर नियुक्तियों से संबंधित ऑर्डिनेंस में संशोधन को पारित कर दिया.

करीब 25 सदस्य आसन के सामने पहुंच कर कहने लगे कि यह बिना पर्याप्त चर्चा के पारित हुआ है. एक सदस्य ने कहा कि मूल ऑर्डिनेंस में स्थायी, अस्थायी और तदर्थ नियुक्तियों के प्रावधान थे. लेकिन विश्वविद्यालय अब अनुबंध के आधार पर नियुक्तियों के लिए एक प्रावधान को लाया है जिस पर चर्चा भी नहीं की गई है.

असंतुष्ट सदस्य ने कहा कि अनुबंध के आधार पर नियुक्ति उन शिक्षकों के लिए खतरा है जो तदर्थ आधार पर काम कर रहे हैं और आशंका व्यक्त की कि भविष्य में सरकार विश्वविद्यालय को केवल अनुबंध के आधार नियुक्तियों के लिए मजबूर कर सकती है. दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने बुधवार को उस स्थान के बाहर प्रदर्शन किया जहां परिषद की बैठक हो रही थी.