Digital Education: केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेन्द्र नाथ पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है ताकि कौशल विकास के साथ रोजगार को बढ़ावा मिल सके और कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में डिजिटल शिक्षा का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है. उन्होंने कहा कि डिजिविद्यापीठ के माध्यम से देश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की एक नई मुहिम शुरू की गई है.Also Read - कोटक महिंद्रा बैंक के ग्राहकों को मिलेगी अब ये सुविधा, डिजिलॉकर के माध्यम से अपना पता कर सकेंगे अपडेट

आनलाइन प्लेटफार्म डिजिविद्यापीठ शुरू होने के अवसर पर पांडे ने अपने बयान में कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न स्थिति के कारण पठन पाठन के तौर तरीकों में काफी बदलाव आया है और डिजिटल शिक्षा एक प्रमुख स्तम्भ बनकर उभरा है. कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है. Also Read - कोरोना काल में शिक्षा मंत्रालय ने डिजिटल प्रणाली का भरपूर इस्तेमाल किया, 33 करोड़ छात्रों दी जा रही शिक्षा: पोखरियाल

डिजिविद्यापीठ एक ऐसा उपक्रम है जो युवाओं को अपनी क्षमता विकास के लिए आनलाइन प्लेटफार्म उपलब्ध कराता है. इसके जरिए तीन तरह के पाठ्यक्रम आरंभ किए गए हैं. एक डिजिटल मार्केटिंग, दूसरा पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट तथा तीसरा साफ्ट स्किल जिसमें पर्सनालिटी डवलपमेंट शामिल है. Also Read - HRD मंत्रालय ने डिजिटल शिक्षा के लिए लॉन्च किया 'प्रज्ञाता' दिशानिर्देश, 3 घंटे से अधिक नहीं लेनी होगी क्लास