नई दिल्ली: नीति आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने वोले सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा मौजूदा 30 साल से कम कर 27 साल किए जाने का सुझाव दिया है. आयोग ने 2022-23 तक इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की वकालत की है. बुधवार को जारी ‘नए भारत के लिए रणनीति@75’ दस्तावेज में आयोग ने सभी सिविल सेवाओं के लिए एकीकृत परीक्षा आयोजित करने पर भी जोर दिया है.Also Read - Civil Services Examination 2020 Final Results: UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2020 के अंतिम नतीजे घोषित किए, शुभम कुमार ने किया टॉप

दस्तावेज में कहा गया है, ”सिविल सेवाओं के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के मामले में अधिकतम आयु सीमा 2022-23 तक चरणबद्ध तरीके से कम कर 27 साल की जानी चाहिए.” इसमें यह भी कहा गया है कि केंद्र तथा राज्य स्तर पर फिलहाल 60 से अधिक अलग-अलग सिविल सेवाएं हैं. सेवाओं को युक्तिसंगत बनाने और तालमेल के जरिये इनकी संख्या कम किए जाने की जरूरत है. Also Read - 112 आकांक्षी जिलों में बच्चों को मुफ्त शिक्षा देगा बायजू, NITI आयोग के साथ की साझेदारी

दस्तावेज के अनुसार, ‘केंद्रीय ‘टैलेंट पूल’ में नियुक्तियां की जानी चाहिए. उसके बाद उम्मीदवारों की क्षमता और रोजगार की जरूरत के आधार पर उनका आवंटन किया जाना चाहिए. Also Read - Rajasthan School Reopening: राज्य में जल्द ही खोले जाएंगे प्राथमिक विद्यालय? नीति आयोग ने की सिफारिश

इसमें कहा गया है, ”सिविल सेवाओं के लिए परीक्षाओं की संख्या एक के स्तर पर लाई जानी चाहिए और इसमें अखिल भारतीय रैंकिंग की जानी चाहिए. राज्यों को भी इस पूल से नियुक्तियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.” दस्तावेज में यह भी कहा कि स्वायत्त निकायों में कर्मचारियों की सेवा शर्तों को नियमित करने और उसमें तालमेल बनाने की जरूरत है.