नई दिल्ली. बैंक, रेलवे, एसएससी या अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है. पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में बनी दूसरी सरकार छात्रों के हित में प्रतियोगिता परीक्षाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव करने जा रही है. अगर लोकसभा में कुछ सांसदों द्वारा उठाई गई मांगों पर सरकार ने गंभीरता से फैसला किया तो आने वाले दिनों में बैंक, रेलवे या अन्य प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि बैंक में भर्ती परीक्षा और अन्य परीक्षाएं स्थानीय भाषा में कराने की कर्नाटक सहित दक्षिण भारतीय राज्यों के सांसदों की मांग पर सरकार विचार कर रही हैं. Also Read - Central Government Employees Bonus News: अच्छी खबर! दिवाली से पहले 30 लाख से अधिक सरकारी कर्मियों को मोदी सरकार का तोहफा, विजयादशमी पर मिलेगा बोनस

राज्यसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा कांग्रेस के जी सी चंद्रशेखर ने उठाया था. बैंक में भर्ती परीक्षा और अन्य परीक्षाएं स्थानीय भाषा में कराने का अनुरोध कर रहे चंद्रशेखर ने अपनी बात कन्नड़ भाषा में रखी. सभापति एम वेंकैया नायडू ने कन्नड़ में बोली गई, चंद्रशेखर की पंक्तियों का अनुवाद किया. उन्होंने कहा कि अगर कोई सदस्य अपनी स्थानीय भाषा में या मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं में से किसी एक भाषा में सदन में अपनी बात रखना चाहते हैं तो उनके लिए इसकी सूचना पहले देना आवश्यक होता है ताकि अनुवाद के लिए व्यवस्था की जा सके. Also Read - प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन पर कांग्रेस का हमला - 'देश को कोरोना का ठोस समाधान चाहिए, कोरा भाषण नहीं'

चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय बैंकिंग सेवा परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाएं अंग्रेजी और हिंदी में ली जानी चाहिए. साथ ही स्थानीय प्रतिभागियों की सुविधा को देखते हुए इन परीक्षाओं का आयोजन कन्नड़ भाषा में भी किया जाना चाहिए. इस पर सदन में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोकसभा के भी कुछ सांसद इस मुद्दे पर उनसे मिले थे. यह मुद्दा उन सभी राज्यों से संबद्ध है जिनकी अपनी भाषा है. सीतारमण ने कहा ‘‘यह गंभीर चिंता का विषय है. मैं इसे देख रही हूं और इस पर विचार करने के बाद मैं सदन को अवगत कराऊंगी.’’ Also Read - Bihar Opinion Poll: बिहार में किसकी बनेगी सरकार? जानिये क्या कहता है ओपिनियन पोल

(इनपुट – एजेंसी)