चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि अगले महीने उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा की परीक्षाएं नहीं होंगी और छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन और पूर्व की परीक्षाओं के आधार पर अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा. यह जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने मंगलवार को दी. उल्लेखनीय है कि इससे पहले हरियाणा के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने कहा था कि अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं एक जुलाई से 31 जुलाई के बीच कराई जाएंगी. Also Read - मनीष सिसोदिया ने HRD मंत्री को लिखा पत्र, कहा- CBSE की शेष बची परीक्षाएं हो रद्द, इंटरनल असेसमेंट के जरिए करें प्रमोट

शिक्षा मंत्री ने बयान में कहा कि अगर विश्वविद्यालय चाहें और उनकी तैयारी हो एवं साधन हो तो वे ऑनलाइन परीक्षा करा सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी छात्र ऐसी परीक्षा दे सकें. मंत्री ने कहा कि विभिन्न सेमेस्टर के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन और पूर्व की परीक्षाओं के आधार पर अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा. मूल्यांकन में दोनों श्रेणियों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. उन्होंने कहा, हालांकि, छात्रों को कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति में सुधार होने के बाद लिखित परीक्षा के आधार पर अंकों में सुधार करने का विकल्प मौजूद रहेगा. Also Read - Chhattisgarh Board Exam:10वीं और12वीं कक्षा की नहीं होगी परीक्षाएं, इंटरनल असेसमेंट के आधार पर किया जाएगा पास

कंवर पाल ने कहा कि यह फार्मूला दूरस्थ शिक्षा और निजी संस्थानों के छात्रों पर लागू होगा. मंत्री ने कहा कि पहले वर्ष के छात्रों को केवल आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रोन्नति दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में प्रायोगिक परीक्षाएं अभी तक नहीं हुई हैं, वहां पर छात्रों को पूर्व की सभी प्रायोगिक परीक्षाओं का औसत अंक या पूर्व की सेमेस्टर परीक्षा में विषय में मिले औसत अंक का 80 प्रतिशत (जो भी अधिक हो) मिलेगा. मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग में प्रवेश अपने स्तर पर करेंगे. वहीं स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया से उच्च शिक्षा विभाग करेगा. Also Read - कपिल सिब्बल ने दिया सुझाव, कहा- आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर सभी छात्रों को करना चाहिए प्रमोट

उन्होंने कहा कि पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी इसी फार्मूले के आधार पर अगले सेमेस्टर में प्रोन्नति दी जाएगी. कंवर पाल ने कहा कि सरकार ने सभी कुलपतियों और विभिन्न हितधारकों से चर्चा करने के बाद यह फैसला लिया है.