Digital Education Guidelines ‘Pragyata’: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मंगलवार को डिजिटल शिक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. मंत्रालय ने छात्रों के लिए स्क्रीन समय पर एक कैप की सिफारिश की है. दिशानिर्देशों के अनुसार, पूर्व-प्राथमिक छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं 30 मिनट से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसमें आगे उल्लेख किया गया है कि कक्षा 1 से 8वीं तक के दो ऑनलाइन सत्र और कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए चार सत्र आयोजित किए जाने चाहिए. केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को यह जानकारी दी . Also Read - New Education Policy 2020: पीएम मोदी ने कहा- 21वीं सदी के नए भारत की बुनियाद बनेगी यह शिक्षा नीति

निशंक ने ट्वीट कर कहा, ‘‘स्कूलों के प्रमुखों, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों के लिये ‘डिजिटल शिक्षा दिशा निर्देश ‘‘प्राज्ञाता’’ पेश कर रहे हैं.’’ मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि इसमें डिजिटल शिक्षा के दौरान मानसिक एवं शारीरिक तनाव से निपटने सहित छात्रों आदि के लिये अन्य मुद्दों पर अनुशंसाएं की गई हैं. गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए देश के स्कूलों में अभी डिजिटल माध्यम से पठन-पाठन का कार्य चल रहा है. Also Read - New Education Policy 2020: पीएम मोदी आज उच्च शिक्षा पर आयोजित कॉन्क्लेव को करेंगे संबोधित, पहली बार इस नीति पर बोलेंगे  


PRAGYATA दिशानिर्देशों में ऑनलाइन शिक्षा के आठ चरण शामिल हैं, जिसमें योजना, समीक्षा, व्यवस्था, गाइड, याक (बात), असाइन, ट्रैक और प्रशंसा शामिल हैं. निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रशासकों, स्कूल प्रमुखों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों के लिए दिशानिर्देशों की रूपरेखा तैयार की गई है:

मूल्यांकन की आवश्यकता.
ऑनलाइन योजना और डिजिटल शिक्षा जैसे कि अवधि, स्क्रीन समय, समावेश, संतुलित ऑनलाइन और ऑफलाइन गतिविधियों आदि के स्तर की समझ.
हस्तक्षेप के तौर-तरीके जिनमें संसाधन की अवधि, स्तर-वार वितरण आदि शामिल हैं.
डिजिटल शिक्षा के दौरान शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य और सभी कुछ अच्छा हो.
साइबर सुरक्षा और नैतिक प्रथाओं सहित साइबर सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सावधानी और उपाय.
विभिन्न पहलों के साथ सहयोग और अभिसरण.