Anti Covid-19 Pathshala: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देशभर के छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ‘एंटी कोविड पाठशाला’ शुरू की है. मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस पाठशाला के माध्यम से देशभर के छात्रों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक और जानकार बनाने का प्रयास किया जा रहा है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, एंटी कोविड पाठशाला के अन्तर्गत छात्रों को कई महत्वपूर्ण पाठ सिखाए जा रहे हैं. इसके अंतर्गत दो गज की दूरी बेहद जरूरी, कोरोना महामारी से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिग अति आवश्यक है. कम से कम 2 गज की दूरी का पाठ शामिल है. Also Read - Covid-19 Vaccine Latest Updates: भारत में कब तक आएगी Coronavirus Vaccine? स्वास्थ्य मंत्री ने बताई समयसीमा

मंत्रालय के मुताबिक, छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक किया जा रहा है. उन्हें यह बताया जा रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग यानी दो गज की दूरी आपके और अन्य लोगों के स्वास्थ्य के लिए कैसे आवश्यक है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एंटी कोविड पाठशाला के अंतर्गत ए से जेड तक अल्फाबेट को नए अर्थों के साथ पेश किया है. इसमें ए फॉर अवॉइड गैदरिंग, बी फॉर बी अलर्ट, डी फॉर डिस्टेंस ऑफ 3 फीट, ई फॉर एक्सरसाइज, एफ फॉर फिनिश ऑनलाइन कोर्स जैसे शब्द बताए गए हैं. Also Read - क्या हवा के जरिये भी फैल सकता है Coronavirus? कितनी देर तक वायरस की रहती है मौजूदगी? नए रिसर्च में...

वहीं कोरोना महामारी के इस दौर में दिल्ली सरकार भी लगातार छात्रों एवं युवाओं को कोरोना के प्रति जागरूक बनाने की पहल कर रही है. दिल्ली सरकार लोगों को कोरोना के लक्षण से अवगत करा रही है. सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों से लोगों को बताया जा रहा है कि सिर दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी बुखार आदि कोरोना के लक्षण हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में विशेष सावधानी बरतें. Also Read - India Covid-19 Updates: कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 60 लाख के पार पहुंचा, अब तक 95 हजार से ज्यादा की मौत

गौरतलब है कि छात्रों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मद्देनजर सीबीएसई द्वारा 10वीं एवं 12वीं कक्षा की शेष रह गई बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गईं. सीबीएसई ने ही सेंट्रल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी सीटीईटी की परीक्षाएं भी निलंबित करने का अहम निर्णय लिया. विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सेमेस्टर परीक्षाएं एवं फाइनल एग्जाम भी कोरोनावायरस के कारण नहीं लिए जा सके हैं.

इस पूरी स्थिति पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा, पहले सुरक्षा फिर शिक्षा. यानी छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा. कोई भी कदम उठाने से पहले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. सुरक्षित माहौल में ही छात्र कक्षा या फिर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं.