ICAI CA July Exam: सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएआई को आज निर्देश दिया कि जल्द ही परीक्षाओं से पहले अपने दिशानिर्देशों को संशोधित करे और रिवाइज्ड गाइड लाइन जारी करे. सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएआई से कहा कि अगर कोई छात्र किसी कारण से परीक्षा में शामिल नहीं होता तो उसे Opt Out Case माना जाए फिर भले ही उसने Opt Out का विकल्प न चुना हो.Also Read - SC on Dharam Sansad: धर्म संसद में दिए गए नफरत भरे भाषणों के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएआई से कहा कि कोरोना से स्थिति लगातार बदल रही है.  अगर किसी छात्र ने opt Out का ऑप्शन नहीं चूज किया लेकिन यदि वह अचानक कंटेनमेंट जोन के अंदर आ जाता है तो आप क्या करेंगे. कोर्ट ने कहा कि तब आपको उसके साथ Opt Out छात्रों की ही तरह व्यवहार करें. अब इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 2 जुलाई 2020 को होनी है. Also Read - PM Security Breach: रिटायर्ड जस्टिस इंदू मल्होत्रा करेंगी पीएम की सुरक्षा में हुई चूक की जांच, SC ने बनाया कमिटी का अध्यक्ष

बता दें कि चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की परीक्षाओं के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) संस्थान द्वारा दी गई ‘Opt-Out’ योजना पर रोक लगाने और परीक्षा केंद्रों के नियम से संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएआई से जवाब मांगा था. Also Read - Supreme Court का अहम फैसला, कहा- मकान बनाने के लिए पैसे मांगना भी 'दहेज' मांगने की तरह

इंडिया वाइड पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से परीक्षा के लिए ‘Opt-Out’ स्कीम पर रोक लगाने की मांग की गई थी.

चार्टर्ड अकाउंटेंट की इस साल मई में होने वाली परीक्षाएं 29 जुलाई से 16 अगस्त के बीच होनी हैं. याचिका में कहा गया था कि इस परीक्षा के लिए ‘Opt-Out’ विकल्प मनमाना और भेदभावपूर्ण कदम है. वहीं आईसीएआई ने मामले में हलफनामा दायर करने के लिए समय मांगा था.