कोलकाता: कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर आर्थिक सुस्ती के बावजूद भारतीय प्रबंधन संस्थान-कलकत्ता (आईआईएम) के 56 विद्यार्थियों को नौकरियों की 60 पेशकश मिली है और औसत तनख्वाह प्रति वर्ष 26.31 लाख रुपये है. शनिवार को जारी एक बयान के मुताबिक, आईआईएम-सी बिजनेस एनालिटिक्स में परास्नातक (पीजीडीबीए) के चौथे बैच के छात्रों को ये पेशकश 18 कंपनियों से मिली हैं. Also Read - शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला जारी, Sensex चौथे दिन 581 अंक टूटा

बयान में बताया गया है कि इस बैच के छात्रों को एक अंतरराष्ट्रीय पेशकश भी मिली है जिसमें वेतन 41.29 लाख रुपये (प्रति वर्ष) है. यह सबसे ज्यादा तनख्वाह है. औसत वेतन 26.31 लाख रुपये प्रति वर्ष है जो पिछले साल के 25.05 लाख रुपये प्रति वर्ष की औसत तनख्वाह से ज्यादा है. कुल पेशकशों में 57 फीसदी पेशकश बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर से हैं. Also Read - भारत की आर्थिक सुस्ती अस्थाई, आने वाले समय में सुधार की उम्मीद: IMF प्रमुख

पीजीडीबीए के अध्यक्ष प्रोफेसर सहदेब सरकार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है. अंतिम नियुक्ति प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाली कुछ प्रतिष्ठित कंपनियों में अडाणी, जेडएस एसोसिएट्स और आईसीआईसी बैंक शामिल हैं. Also Read - देशभ्रमण पर जाने की तैयारी में राहुल गांधी, आर्थिक और रोजगार के मामले पर जनता को करेंगे जागरुक