इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन(IIMC) को जल्द ही डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल सकता है. दरअसल, यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन(UGC) ने सरकार से यह शिफारिश की है कि IIMC को अब डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया जाए. इस प्रस्ताव पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मुहर भी लगा दी है. प्रस्ताव 21 जून को आईआईएमसी के कार्यकारी परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया था.

UGC ने प्रस्ताव दिया था कि सरकार को ‘De Novo’ श्रेणी में IIMC के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी कर देना चाहिए. यह उन संस्थानों के लिए होता है जो शिक्षण और रिसर्च क्षेत्र में काम करते हैं.

बता दें कि LoI को पांच शर्तों पर जारी किया जाता है, जिसे पूरा करने के बाद ही IIMC को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया जा सकेगा.

Bihar Simultala mains result 2018: नतीजे घोषित, biharboadonline.com पर ऐसे चेक करें

वर्तमान में IIMC देशभर में मौजूद अपने 6 कैंपस में एक साल वाले 8 पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम करा रहा है. डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद IIMC को डिप्लोमा की जगह डिग्री देने का अधिकार प्राप्त होगा.

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने IIMC को पिछले साल ही डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्टेटस के लिए आवेदन करने की मंजूरी दे दी थी. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास यह प्रस्ताव 8 जून 2017 को पहुंचा. इसके बाद इस योजना के परीक्षण के लिए UGC ने एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई. इस टीम को दिल्ली और ढेंकनाल स्थित IIMC कैंपस भी जांच के लिए भेजा गया.

OFSS Bihar 2nd Merit List

सूत्रों के अनुसार कमेटी ने संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की शिफारिश कर दी है, जांच टीम ने भी इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी. लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी रख दीं. सबसे पहली शर्ट, इस पत्रकारिता संस्थान को पेश किए गए पांच नए कार्यक्रमों का एक विस्तृत पाठ्यक्रम तैयार करना होगा. दूसरी शर्त ये है कि उन्हें फैकल्टी नियुक्त करनी होगी और UGC नियमों के अनुसार इंफ्रास्टक्चर तैयार करना होगा. तीसरी शर्त ये है कि संस्थान के नियम और मेमोरैंडम ऑफ एसोसिएशन भी UGC के नियमों के तहत ही होने चाहिए.

बता दें कि किसी संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का अंतिम फैसला यूजीसी लेता है और इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय इस पर अपनी मोहर लगाता है.

एजुकेशन और करियर की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए करियर न्यूज पर क्लिक करें.