नई दिल्ली: देश के शिक्षण संस्थाओं की बदहाली एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है. एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत का कोई भी शिक्षण संस्थान दुनिया के टॉप 100 इंस्टीट्यूसंस में शामिल नहीं है.  क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (QS World University Rankings) की इस रिपोर्ट में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और आईआईएससी बैंगलोर जैसे शीर्ष भारतीय शिक्षण संस्थानों को भी टॉप 100 में जगह नहीं मिली है. हालांकि इंडिया के ये संस्थान शीर्ष 200 में शामिल हैं. आईआईटी बॉम्बे लगातार दूसरे साल देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान के रूप में उभरा है, लेकिन दुनिया में उसका स्थान बेहद नीचे है. वह 152वें नंबर पर है.

पिछले साल से तुलना की जाए तो, इस बार QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 23 में से 4 भारतीय यूनिवर्सिटी ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, जबकि सात यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में गिरावट आई है. ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी इस साल QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शामिल होने में कामयाब रही.

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के अनुसार अमेरिका के मैस्साचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के बाद स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड विश्वविद्यालय दुनिया के टॉप तीन संस्थान हैं. एमआईटी लगातार 8वीं बार शीर्ष स्थान पर रहा. चीन की 19 यूनिवर्सिटी शीर्ष 200 यूनिवर्सिटीज में शामिल है जबकि ऑस्ट्रेलिया की 7 यूनिवर्सिटीज इस सूची में जगह बनाने में कामयाब रही. नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर और नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी दोनों 11 वें स्थान पर रहें और एशिया में शीर्ष स्थान पर रहे. QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग हर साल शीर्ष यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी करता है.