नई दिल्लीः देश भर में कोरोनो वायरस मामलों के बढ़ते स्तर को देखते हुए मुंबई की इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Indian Institutes of Technology) ने फेस टू फेस लेक्चर स्थगित कर दिए हैं. ऐसा करके आईआईटी बॉम्बे फेस टू फेस स्क्रैप करने वाला पहला प्रमुख संस्थान बन गया है. IIT Bombay के 62 साल के इतिहास में ये पहली बार होने जा रहा है, जब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बिना छात्रों के शैक्षणिक सत्र शुरू करने जा रहा है. आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर सुभाशिष चौधरी ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि “लंबे विचार-विमर्श के बाद” ये फैसला लिया है और फेस टू फेस लेक्चर स्थगित कर दिया गया है.Also Read - Punjab Polls 2022: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल कोरोना वायरस से संक्रमित, अस्पताल में भर्ती

उन्होंने आगे कहा “आईआईटी बॉम्बे के लिए, छात्र पहली प्राथमिकता हैं. हमने अपने छात्रों की मदद करने के लिए वर्तमान सेमेस्टर में एक क्लोजर कैसे लाया जाना चाहिए, यह निर्णय लेते हुए भारत में किसी बड़े शैक्षणिक संस्थान ने पहला कदम उठाया है. IIT Bombay के मुताबिक महामारी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, हम अपने छात्रों के लिए अगले सेमेस्टर की योजना कैसे बनाते हैं? फिर, सीनेट में एक लंबे विचार-विमर्श के बाद, हमने आज फैसला किया है कि अगले सेमेस्टर को ऑनलाइन परीक्षा में पूरी तरह से चलाया जाएगा.” उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और भलाई के लिए कोई समझौता नहीं है. Also Read - Coronavirus in India: पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2.82 लाख नए केस, कल से 18 फीसदी ज्यादा

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उन्होंने बताया कि, देश में फैली महामारी ने छात्रों की सुरक्षा के लिए आईआईटी बॉम्बे ने पढ़ाने के तरीकों पर पुनर्विचार करने को मजबूर कर दिया है. हालांकि, संस्थान इस बात पर भी ध्यान दे रहा है कि इस शैक्षणिक सत्र की शुरुआत भी अन्य सत्रों की तरह बिना किसी देरी के हो जाए. छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हम व्यापक ऑनलाइन क्लास की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं. इस संबंध में सभी छात्रों को भी जल्द से जल्द सूचित कर दिया जाएगा.