गुवाहाटी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के दो छात्रों ने ऐसा उपकरण बनाने का दावा किया है जिससे दरवाजे की कुंडी और लिफ्ट के बटन जैसी अनेक वस्तुओं की सतह को कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त किया जा सकता है. संस्थान में सिविल अभियांत्रिकी विषय के छात्र अनंत मित्तल और शुभम येन्नावर के अनुसार, उन्होंने एक नैनो अल्ट्रा वायलट उपकरण ‘यूवी-अस्त्र’ बनाया है जो तीन सेकंड में सतह पर मौजूद वायरस और बैक्टीरिया का खात्मा कर सतह को संक्रमणमुक्त कर सकता है.Also Read - IIT Guwahati के 22 रिसर्चरों के नाम दुनिया के टॉप साइंटिस्टों के लिस्ट में शामिल 

उपकरण के लिए पेटेंट का आवेदन करने वाले मित्तल ने कहा, “यूवी-अस्त्र विषाणु से सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम और किफायती उपकरण साबित हो सकता है.” उन्होंने कहा कि इस उपकरण से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) को भी पुनः इस्तेमाल करने के लिए संक्रमण मुक्त किया जा सकता है. मित्तल ने बताया, “परा बैंगनी किरणों में संक्रमण मुक्त करने की क्षमता होती है. Also Read - New Education Policy 2020: केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा- नई शिक्षा नीति नौकरियों और एंटरप्रेन्योर को क्रिएट करने में करेगा मदद

हमारा उपकरण बेहद कम तीव्रता की परा बैंगनी किरणों का इस्तेमाल करता है जिससे कोई नुकसान नहीं होता. जेब में रखने लायक यह उपकरण सतह पर मौजूद 99.9 प्रतिशत सूक्ष्म जीवों को समाप्त कर सकता है. यह व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए है और मोबाइल फोन से इसे चार्ज किया जा सकता है. यह पांच हजार घंटे तक काम कर सकता है. Also Read - पीएम मोदी मंगलवार को IIT गुवाहाटी के दीक्षांत समारोह को करेंगे संबोधित, इंजीनियरिंग के छात्रों को मिलेगी डिग्री

मित्तल ‘रेसरफ्लाई’ नामक स्टार्टअप चलाते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों मित्रों को उपकरण का मॉड्यूल बनाने के लिए कई हफ्तों का समय लगा. उपकरण का वजन दस ग्राम से भी कम है और यह लगभग तीन सेंटीमीटर लंबा है. मित्तल ने कहा कि हिंदी में अस्त्र का अर्थ हथियार होता है और उन्होंने उपकरण का नाम यू वी अस्त्र इसलिए रखा क्योंकि यह वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए बनाया गया है.