गुवाहाटी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के दो छात्रों ने ऐसा उपकरण बनाने का दावा किया है जिससे दरवाजे की कुंडी और लिफ्ट के बटन जैसी अनेक वस्तुओं की सतह को कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त किया जा सकता है. संस्थान में सिविल अभियांत्रिकी विषय के छात्र अनंत मित्तल और शुभम येन्नावर के अनुसार, उन्होंने एक नैनो अल्ट्रा वायलट उपकरण ‘यूवी-अस्त्र’ बनाया है जो तीन सेकंड में सतह पर मौजूद वायरस और बैक्टीरिया का खात्मा कर सतह को संक्रमणमुक्त कर सकता है. Also Read - पिछले 5 सालों में 7,248 छात्रों ने छोड़ी आईआईटी की पढ़ाई, वजह कर देगी हैरान

उपकरण के लिए पेटेंट का आवेदन करने वाले मित्तल ने कहा, “यूवी-अस्त्र विषाणु से सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम और किफायती उपकरण साबित हो सकता है.” उन्होंने कहा कि इस उपकरण से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) को भी पुनः इस्तेमाल करने के लिए संक्रमण मुक्त किया जा सकता है. मित्तल ने बताया, “परा बैंगनी किरणों में संक्रमण मुक्त करने की क्षमता होती है. Also Read - पिछले पांच साल में 27 आईआईटी विद्यार्थियों ने की खुदकुशी, IIT मद्रास के सबसे ज्यादा छात्र

हमारा उपकरण बेहद कम तीव्रता की परा बैंगनी किरणों का इस्तेमाल करता है जिससे कोई नुकसान नहीं होता. जेब में रखने लायक यह उपकरण सतह पर मौजूद 99.9 प्रतिशत सूक्ष्म जीवों को समाप्त कर सकता है. यह व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए है और मोबाइल फोन से इसे चार्ज किया जा सकता है. यह पांच हजार घंटे तक काम कर सकता है. Also Read - UCEED 2019: परीक्षा का शेड्यूल जारी, 9 अक्टूबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू

मित्तल ‘रेसरफ्लाई’ नामक स्टार्टअप चलाते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों मित्रों को उपकरण का मॉड्यूल बनाने के लिए कई हफ्तों का समय लगा. उपकरण का वजन दस ग्राम से भी कम है और यह लगभग तीन सेंटीमीटर लंबा है. मित्तल ने कहा कि हिंदी में अस्त्र का अर्थ हथियार होता है और उन्होंने उपकरण का नाम यू वी अस्त्र इसलिए रखा क्योंकि यह वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए बनाया गया है.