चंडीगढ़: जेईई-एडवांस्ड 2018 के टॉपर प्रणव गोयल का कहना है कि पिछले वर्षो के प्रश्न पत्रों को हल करने से उन्हें परीक्षा पैटर्न की पूरी पहचान करने और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करने में बहुत मदद मिली. नतीजों से खुश प्रफुल्लित प्रणव ने बताया कि अगर आप अच्छी तरह से ध्यान केंद्रित करते हैं, तो आपके पढ़ाई के घंटों से वास्तव में कोई फर्क नहीं पड़ता है. इसलिए बस ध्यान केंद्रित करें और शांत रहें. अपने शिक्षकों और उनके मार्गदर्शन में विश्वास रखें और हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आपका ज्ञान अवधारणात्मक रूप से अच्छा हो.

360 में 337 अंक मिले
रविवार को घोषित परिणामों में कुल 360 अंकों में से 337 अंक लाकर हरियाणा के पंचकुला से सटे इलाके के निवासी प्रणव ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की प्रवेश परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया है. देश भर में लगभग 1.55 लाख छात्रों ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एडवांस्ड) 2018 दी थी. पंचकुला के भवन विद्यालय के विद्यार्थी प्रणव ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंकों के साथ चंडीगढ़, पंचकुला और मोहाली तीन शहरों में शीर्ष स्थान हासिल किया था. वह जेईई-मेन में भारत में चौथे स्थान पर रहे.

टीचर्स ने की तारीफ
एक निजी कोचिंग अकादमी में उनके शिक्षक अमरनाथ ने कहा, शुरुआती महीनों में प्रणव अन्य बच्चों की तरह ही संघर्ष करता दिखाई देता था. हालांकि उसने भौतिकी विषय के विभिन्न पहलुओं को अच्छी तरह से समझ लिया. प्रणव के रसायन शास्त्र के शिक्षक अनिमेष का कहना है कि रसायन शास्त्र उसके सबसे मजबूत विषयों में से एक था. उसने अभिक्रियाओं को याद रखने के बजाय रसायन शास्त्र की सभी अवधारणाओं पर ध्यान केंद्रित किया. उसने विशेष रूप से रसायन शास्त्र और पाठ्यक्रम का अध्ययन करने में रोजाना अपना एक घंटा दिया.

क्या कहना है माता-पिता का
शुरू में, प्रणव को गणित समझना मुश्किल हो रहा था. हालांकि, वह हमेशा नई अवधारणाओं को सीखने के लिए तैयार रहता था. प्रणव की सफलता पर खुशी जताते हुए उसके कारोबारी पिता पंकज गोयल ने कहा, “मेरा बेटा हमेशा एक टॉपर रहा है. उसने इस स्थान को पाने के लिए दो साल तक बहुत मेहनत की है. हम उसके प्रदर्शन पर बहुत खुश हैं. उसकी मां ममता गोयल का कहना है कि उनके बेटे ने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत के साथ, कोई भी शीर्ष स्थान हासिल कर सकता है. मुझे प्रणव पर गर्व है.